सोनिया की अदालत में पेश हुईं शीला दीक्षित
दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस मामले में बताया कि "समझा जा रहा है कि कांग्रेस हाईकमान ने दीक्षित से चौहान को मंत्रिपरिषद से हटाने के लिए कहा।" मालूम हो कि, लोकायुक्त ने 24 फरवरी को चौहान पर दक्षिण दिल्ली में एक रिसॉर्ट के मामले में मूल्य संवर्धित कर (वैट) के उल्लंघन की जांच के लिए गए बिक्री कर अधिकारियों को अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर प्रभावित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। इस आधार पर उन्होंने राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील से मंत्री को उनके पद से हटाने की सिफारिश की थी।
लोकायुक्त के एक अधिकारी के अनुसार, "लोकायुक्त ने राष्ट्रपति (प्रतिभा पाटील) से दिल्ली के लोक निर्माण विभाग के मंत्री राजकुमार चौहान को उनके पद पर बने रहने को लेकर अपनी स्वीकृति वापस लेने की सिफारिश की थी।" इस बारे में जब राजकुमार चौहान से सम्पर्क किया गया तो वह उपलब्ध नहीं हो सके।
अधिकारी के अनुसार संविधान के अनुच्छेद 239 (एए) और दिल्ली लोकायुक्त-उप लोकायुक्त अधिनियम, 1995 के तहत राष्ट्रपति को यह अधिकार है। लोकायुक्त ने दिल्ली मूल्य संवर्धित कर अधिनियम, 2004 की विविध धाराओं के तहत भी मंत्री के खिलाफ मामला दर्ज करने की सिफारिश की है।













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