भ्रष्टाचारियों के लिए 'मौत का बाबा' बनकर आये रामदेव
नई दिल्ली। भ्रष्टाचार और विदेशी बैंकों में जमा काले धन के खिलाफ योग गुरु बाबा रामदेव ने जनादेश जुटाना शुरू कर दिया है। इसी के तहत रविवार को राजधानी के रामलीला मैदान में आयोजित एक रैली में बाबा रामदेव ने कांग्रेस सरकार को एक बार फिर ललकारा। उन्होंने कहा कि वो भ्रष्टाचारियों के खिलाफ मौत का बाबा बन कर आये हैं। इस बार उनके साथ देश भर के कई बड़े सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद थे।
भारत स्वाभिमान ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस रैली का आयोजन रामलीला मैदान से शुरू होकर जंतर मंतर तक किया गया। इस मौके पर बाबा ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग का ऐलान करते हुए कहा कि वो देश को इस गंभीर बीमारी से निजात जरूर दिलायेंगे। रामदेव ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा कि वो अपना भ्रष्टाचार विरोधी अभियान अहिंसा और शांति को अपनाते हुए चलायेंगे। यह अभियान भ्रष्टाचार, काला धन और भ्रष्ट नेताओं के खिलाफ है।
बाबा ने ऐलान किया कि अब वो योग शिक्षा के अलावा सामाजिक शिक्षा, भ्रष्टाचार विरोधी एवं राजनीति की शिक्षा भी लोगों को देंगे। उन्होंने कहा कि अगर सरकार नहीं सुधरी तो एक करोड़ से अधिक लोग दिल्ली आने को तैयार हैं। यह आंदोलन यह आंदोलन किसी राजनीतिक पार्टी के खिलाफ नहीं बल्कि भ्रष्ट नेताओं के खिलाफ है।
उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि तमाम सरकारी योजनाएं एक ही परिवार के नाम पर चलती हैं, ऐसा नहीं होना चाहिए। सरकारी योजनाएं चलानी हैं तो शहीद भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सुभाष चंद्र बोस, आदि के नाम से चलायी जानी चाहिए। और उन शहीदों को भी भारत रत्न मिलना चाहिए।
बाबा रामदेव ने आगे कहा कि यह बाबा मौत बनकर सामने आया है। इसके अलावा बाबा ने उत्तर प्रदेश के किसानों की समस्याओं पर भी प्रकाश डाला।
बाबा का साथ देने के लिए इस रैली में पूर्व आईपीएस किरण बेदी, समाजसेवी व चिंतक गोविंदाचार्य, वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी, स्वामी अग्निवेश, अरविंद केजरीवाल, सुब्रह्मण्यम स्वामी, अन्ना हजारे, ओमप्रकाश सिंघल, विजय कौशल जी महाराज के साथ शहीद चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह और राजगुरु के परिवार के लोगों भी मौजूद थे।












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