बॉलीवुड में जामिया के छात्रों का एक अलग मुकाम
नई दिल्ली, 27 फरवरी (आईएएनएस)। जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के मास कम्युनिकेशन रिसर्च सेंटर के छात्रों ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर बॉलीवुड में एक विशेष स्थान बनाया है। इसका श्रेय उन्होंने विश्वविद्यालय को दिया है।
उनका मानना है कि बॉलीवुड में काम करने वाले जामिया के पूर्ववर्ती छात्रों और यहां पढ़ाई कर रहे मौजूदा छात्रों के बीच बेहतर संपर्क होना चाहिए, ताकि वे एक-दूसरे से रू-ब-रू होते रहें।
जामिया से पढ़ाई पूरी कर बॉलीवुड का रुख करने वाले फिल्म निर्देशक दानिश असलम, अलंकृता श्रीवास्तव और फिल्म एडिटर संदीप सिंह बाजेली ने एक फिल्मकार के रूप में अपने व्यक्तित्व को निखारने का श्रेय विश्वविद्यालय में उन्हें मिले बेहतर अवसर एवं वातावरण को दिया है। उनके अनुसार विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान व्यावहारिक कक्षाओं ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
फिल्म 'लाहौर' और 'फंस गया रे ओबामा' के एडिटर बाजेली के अनुसार जामिया में छात्रों को किसी विशेष पहलू पर ही फिल्म निर्माण के दायरे में नहीं बांधा जाता, बल्कि उन्हें प्रत्येक क्षेत्र में नई-नई खोज और प्रयोग के अवसर मिलते हैं।
बाजेली के अनुसार जामिया में पढ़ाई के दौरान पहले वर्ष उन्होंने कठपुतली, रेडियो जॉकी और नुक्कड़ नाटक के बारे में अध्ययन किया। इसके बाद उन्होंने फिल्म निर्माण की बारीकियों को सीखा और इस दौरान विश्वविद्यालय ने उन्हें अपनी स्वतंत्र सोच विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया।
दीपिका और इमरान खान के साथ फिल्म 'ब्रेक के बाद' बनाने वाले दानिश असलम का भी यही मानना है। उनके अनुसार जामिया में एक विशेष बात यह है कि यहां एक व्यापक पाठ्यक्रम की पढ़ाई होती है, जिसमें व्यावहारिक जानकारी पर अधिक ध्यान दिया जाता है।
गुल पनाग के साथ 'टर्निग 30' फिल्म बनाने वाली अलंकृता का भी कहना है कि विश्वविद्यालय के माहौल ने उन्हें अपनी एक स्वतंत्र सोच विकसित करने और खुद को एक फिल्मकार के रूप में जानने-समझने का मौका दिया। पढ़ाई के दौरान उन्हें यहां कई फिल्मों को देखने और उनके बारे में जानने का मौका मिला।
उनका यह भी कहना है कि बॉलीवुड में दूसरे मीडिया संस्थानों के लोगों में अहंकार बहुत है, जबकि जामिया के पूर्ववर्ती छात्रों के साथ ऐसा नहीं है।
जामिया के एक अन्य पूर्ववर्ती छात्र अक्षय सिंह का कहना है कि यहां दाखिला या पाठ्यक्रम पूरा करने का मतलब बॉलीवुड में सीधे प्रवेश नहीं है, लेकिन छात्रों को यहां फिल्म से जुड़े विभिन्न पक्षों की अहम जानकारी मिल जाती है। अक्षय ने फिल्म 'टर्निग 30', 'राजनीति' और 'काइट्स' में सिनेमैटोग्राफी की है।
जामिया के पूर्ववर्ती छात्रों ने इस बात पर बल दिया कि उनके बीच आपस में और पढ़ाई कर रहे छात्रों के साथ बेहतर संपर्क होना चाहिए। ऐसे में उन्हें काम के क्षेत्र में एक-दूसरे से मदद मिल सकती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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