जलवायु परिवर्तन पर 'बेसिक' राष्ट्रों की बैठक शनिवार से
शनिवार का सम्मेलन इस मायने में विशेष है कि दिसम्बर में मैक्सिको में कानकुन समझौता होने के बाद किसी भी अंतर्राष्ट्रीय समूह का यह पहला सम्मेलन होगा।
दो दिवसीय सम्मेलन 'बेसिक प्लस' प्रारूप में होगा।
भारत ने इस सम्मेलन में अर्जेंटीना, अल्जीरिया और मालदीव के मंत्रियों/राजदूतों को भी आमंत्रित किया है। यह नवम्बर, 2009 में बीजिंग में बेसिक राष्ट्र के गठन के बाद इसके पर्यावरण मंत्रियों का छठा सम्मेलन होगा।
पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की वार्ता में बेसिक पिछले 15 महीनों में एक शक्तिशाली गुट के रूप में उभरा है।
शनिवार से शुरू हो रहे दो दिवसीय सम्मेलन में अर्जेटीना, मालदीव और अल्जीरिया पर्यवेक्षक की भूमिका में शामिल हो रहे हैं। ये देश जलवायु परिवर्तन की वार्ता में 'जी-77 और चीन' गुट में अलग-अलग समूहों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
रमेश ने कहा कि बेसिक राष्ट्रों के सम्मेलन में जी-77 और चीन गुट के प्रतिनिधियों को शामिल करने की परम्परा रही है, ताकि दूसरे विकासशील देशों के मुद्दों के साथ तालमेल बनाए रखा जा सके।
मालदीव स्मॉल आईलैंड डेवलपिंग स्टेट्स संगठन का सदस्य देश है। अल्जीरिया अफ्रीका के विकासशील देशों का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि अर्जेटीना जी-77 और चीन गुट का वर्तमान अध्यक्ष देश है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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