गोधरा कांड के दोषियों के लिए अभियोजन ने मांगा मृत्युदंड (लीड-1)
अहमदाबाद, 25 फरवरी (आईएएनएस)। अभियोजन पक्ष ने गोधरा कांड मामले के सभी 31 दोषियों के लिए मृत्युदंड की शुक्रवार को मांग की। इन सभी को 2002 में साबरमती एक्सप्रेस की एक बोगी में आग लगाने के लिए दोषी पाया गया है। दोषियों को सजा पहली मार्च को सुनाई जाएगी।
अभियोजन ने यह अपील यहां उच्च सुरक्षा वाले साबरमती जेल में स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पी.आर.पटेल की अदालत में की।
न्यायाधीश पटेल ने 27 फरवरी, 2002 को गोधरा रेलवे स्टेशन के पास साबरमती एक्सप्रेस की बोगी संख्या एस-6 में आग लगाने और साजिश रचने के लिए मंगलवार को 31 लोगों को दोषी करार दिया था। इस घटना में 59 लोग जिंदा जल गए थे।
अदालत ने मामले के कथित मास्टरमाइंड मौलवी सईद उमरजी सहित 63 अन्य आरोपियों को बरी कर दिया था।
बचाव पक्ष के वकील ए.डी.शाह के अनुसार अभियोजन ने सभी 31 आरोपियों के लिए मृत्युदंड की मांग की। जबकि बचाव पक्ष ने दोषियों के लिए आजीवन कारावास की सजा को उपयुक्त बताया।
आरोपियों को हत्या, हत्या का प्रयास करने, लूट, डकैती और आगजनी के लिए दोषी ठहराया गया है।
अदालत ने दोषियों को दी जाने वाली सजा की मात्रा पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। सजा एक मार्च को सुनाई जाएगी।
ज्ञात हो कि गोधरा रेल अग्निकांड में मारे गए लोगों में अधिकांश कार सेवक शामिल थे, जो अयोध्या से लौट रहे थे। इस घटना के बाद पूरे गुजरात राज्य में भयानक साम्प्रदायिक दंगे भड़क गए थे, जिसमें 1,000 से अधिक लोग मारे गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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