लीबियाई कस्बे पर हमला, गद्दाफी विरोधी प्रदर्शन तेज (लीड-2)
राजधानी त्रिपोली से 50 किलोमीटर दूर स्थित अल जाविया सरकारी बलों के हमलों में 17 लोग मारे गए हैं। घायलों का इलाज करने वाले चिकित्सकों का कहना है कि मरने वालों की संख्या और भी बढ़ सकती है।
सरकारी टीवी के मुताबिक लीबिया में अशांति के दौरान पिछले सप्ताह में 111 सैनिकों सहित 300 लोग मारे गए हैं।
इस बीच शुक्रवार को यहां निरंकुश शासक गद्दाफी के 41 साल पुराने शासन को समाप्त करने की कोशिश में सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन बढ़ गए हैं।
विपक्षी दलों ने त्रिपोली के लोगों से विरोध-प्रदर्शनों में शामिल होने के लिए कहा है। ऐसा माना जाता है कि त्रिपोली में गद्दाफी की मजबूत पकड़ है। त्रिपोली में क्रांति के समर्थकों का कहना है कि वे शुक्रवार की प्रार्थनाओं के बाद ग्रीन स्क्वेयर में विरोध-प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं।
लीबिया में शुरू हुए विरोध-प्रदर्शनों के चलते गद्दाफी सरकार ने देश के ज्यादातर पूर्वी इलाकों पर से नियंत्रण खो दिया है।
गद्दाफी ने गुरुवार को सरकारी टेलीविजन पर दिए एक संदेश में विरोध-प्रदर्शनों के लिए अलकायदा नेता ओसामा बिन लादेन को जिम्मेदार ठहराया और दावा कि लोगों को विद्रोह के लिए उकसाने के लिए भ्रमित करने वाली दवाएं दी गई हैं।
त्रिपोली के आस-पास के कस्बों में लड़ाई चलने की खबर है। गद्दाफी समर्थक सेना इन शहरों पर से विपक्ष के कब्जे को हटाकर वापस अपना नियंत्रण चाहती है।
लीबिया के ताजा हालातों को देखते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इटली, ब्रिटेन, फ्रांस के नेताओं को फोन कर इस संकट को दूर करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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