रेल बजट: उत्तर प्रदेश के लोगों ने दी मिली-जुली प्रतिक्रिया
प्रदेश की जनता ने बढ़ती महंगाई के बीच यात्री किराए में वृद्धि न करने, वातानुकूलित और गैर वातानुकूलित श्रेणी के ई-टिकट पर शुल्क में रियायत, टिकट में रियायत के लिए वरिष्ठ महिला नागरिकों की उम्र सीमा घटाकर 58 साल करने, सेवानिवृत सैनिकों को रेलवे में नौकरी देने और उत्तर प्रदेश से नई रेलगाड़ियां संचालित करने की घोषणाओं के लिए रेल मंत्री ममता बनर्जी को धन्यवाद दिया है।
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की एक शाखा के प्रबंधक एस. के. सिंह ने कहा कि रेल मंत्री ने कमरतोड़ महंगाई के बीच किसी भी श्रेणी में किराया न बढ़ाकर हर वर्ग के लोगों को बड़ी राहत दी है। उन्होंने कमोबेश जनता की उम्मीद के मुताबिक बजट पेश किया।
अमीनाबाद के युवा व्यवसाई पंकज गुप्ता ने कहा कि प्रदेश को इस बजट में शताब्दी और दूरंतो सहित करीब आधा दर्जन नई रेलगाड़ियों का तोहफा मिला है लेकिन आबादी के हिसाब से देश के इस सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में इस बार के बजट में कोई नया संयंत्र या परियोजना लगाने की बात नहीं की गई है।
लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एन. के. सिंह ने कहा, "रेलमंत्री ने अपने बजट में कई बड़ी घोषणाएं कीं और सपने दिखाये हैं। उन घोषणाओं को पूरा करने के लिए पैसा कहां से आएगा इस बारे में उन्होंने कोई साफ बात नहीं की।"
सिंह ने कहा, "आम लोगों को घोषणाएं नहीं बल्कि बुनियादी सुविधाएं चाहिए। लोग चाहते हैं कि स्टेशनों व रेलगाड़ियों में साफ-सफाई रहे. खान-पान की सुविधा बेहतर हो.. घंटों देरी से चलने वाली रेलगाड़ियां समय पर चलें..सफर के दौरान उनके साथ लूट-पाट जैसी अप्रिय घटना न हो। मुझे उम्मीद है कि रेलमंत्री आम लोगों की मूलभूत जरूरतों पर ध्यान देंगी।"
एमिटी कालेज में एमबीए की छात्रा अपूर्वा खन्ना ने कहा कि मुझ्झे बहुत निराशा हुई कि खुद एक महिला होते हुए रेलमंत्री ने रेलगाड़ियों में सफर के दौरान महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बजट में कोई बात नहीं की।
उन्होंने कहा कि पिछले बजट में ममता ने रेलगाड़ियों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिला वाहिनी का गठन करने की घोषणा की थी लेकिन उस पर जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हुआ। यात्रा के दौरान मुसाफिरों खासकर महिलाओं की सुरक्षा एक बहुत गंभीर मुद्दा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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