आर्थिक समीक्षा : बुनियादी ढांचा क्षेत्र में मिला-जुला प्रदर्शन
नई दिल्ली, 25 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने संसद में आर्थिक समीक्षा 2010-11 प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्ष 2010-11 के आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार अवसंरचना क्षेत्र का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। दूरसंचार क्षेत्र का प्रदर्शन जहां बहुत अच्छा रहा तो वहीं कई क्षेत्रों ने अपने निर्धारित लक्ष्य से कमतर प्रदर्शन किया।
वर्ष 2007-08 से 2009-10 के दौरान ऊर्जा, सड़क, नई रेलवे लाइन और रेलवे लाइनों के दोहरीकरण के क्षेत्र में कार्य निर्धारित लक्ष्यों से कम रहा।
दूरसंचार, राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना, रेलवे लाइनों का विद्युतीकरण, रेलवे गेज परिवर्तन और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत नई सड़कों के निर्माण और उसके पुनर्नवीकरण के क्षेत्र में निर्धारित लक्ष्य से बेहतर प्रदर्शन हुआ है।
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार बुनियादी ढांचा क्षेत्र में निवेश वर्ष 2008-09 के 7.18 प्रतिशत से बढ़कर वर्ष 2011-12 में 8.37 प्रतिशत हो जाने का अनुमान है।
अक्टूबर 2010 तक 150 करोड़ रुपये और इससे ऊपर की लागत वाली केंद्र प्रायोजित कुल 559 परियोजनाओं में से 14 अपनी निर्धारित समयसीमा से आगे चल रही थीं, 117 परियोजनाएं निर्धारित समयानुसार रही थीं जबकि 293 परियोजनाएं विलम्ब से चल रही थीं। शेष परियोजनाओं की शुरुआत के लिए कोई समय-सीमा नहीं रखी गई थी।
सड़क परिवहन और राजमार्ग क्षेत्र में 51 प्रतिशत परियोजनाएं एक से 36 महीनों के विलम्ब से चल रही थीं। ऊर्जा क्षेत्र में 20 परियोजनाएं एक से आठ महीने की देरी से चल रही थीं। पेट्रोलियम क्षेत्र में 16 परियोजनाएं एक से 16 महीने पीछे चल रही थीं।
डेढ़ सौ करोड़ रुपये और इससे ऊपर की परियोजनाओं की लागत और कार्यान्वयन समय में लगातार कमी हुई है। सर्वेक्षण के मुताबिक, मंत्रालयों द्वारा करीबी निगरानी करने और व्यवस्था में सुधार करने की वजह से ऐसा हुआ है।
अप्रैल से नवंबर 2010 के दौरान प्रमुख उद्योगों और बुनियादी सेवा क्षेत्र में प्रदर्शन मिला-जुला रहा है। दूरसंचार क्षेत्र में स्विचिंग क्षमता में 39.7 प्रतिशत और सेलफोन कनेक्शन में 27 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। कच्चे तेल में 11.5 प्रतिशत और गैस उत्पादन में 19.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। नागरिक विमानन क्षेत्र का प्रदर्शन भी पिछले साल की तुलना में बेहतर रहा है। ऊर्जा और सीमेंट क्षेत्रों की वृद्धि अपेक्षाकृत निम्न दरों से हुई है। कोयला क्षेत्र की वृद्धि दर 0.6 प्रतिशत रही, जो पिछले साल आठ प्रतिशत थी। उर्वरक क्षेत्र में पिछले साल की तुलना में कोई वृद्धि दर्ज नहीं की गई है, पिछले साल यह वृद्धि 13.2 प्रतिशत थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications