नौ साल बाद आया गोधरा कांड पर फैसला, 63 आरोपी बरी
अहमदाबाद। लंबे इंतजार के बाद आखिर आज वो घड़ी आ गई, जब नौ साल पहले हुए नरसंहार पर फैसला आ गया । इस नरसंहार में 63 आरोपियों को बरी कर दिया गया है जबकि 31 आरोपियों को दोषी मान लिया गया है। कोर्ट ने ये भी मान लिया है कि ये घटना एक हादसा नहीं बल्कि एक साजिश थी। सबसे बड़ी बात ये है कि इस कांड के सबसे प्रमुख आरोपी मौलना हुसैन को कोर्ट से बरी कर दिया है। सभी 31 लोगों को सजा 25 फरवरी को सुनाया जायेगा।
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कड़ी सुरक्षा के बीच शहर के साबरमती सेन्ट्रल जेल में स्थित विशेष अदालत के न्यायाधीश पी आर पटेल इस मामले में फैसला सुनायेगें। आपको बता दें कि 27 फरवकरी 2002 को राज्य के गोधरा रेलवे स्टेशन पर साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन के एस-6 डिब्बे में आग लगा दी गई थी, इस हादसे में 59 यात्रियों की मौत हो गई थी।
पुलिस के मुताबित अहमदाबाद समते पूरा गुजरात छावनी में तब्दील हो चुका है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस के 8000 जवानों के साथ ही राज्य रिजर्व पुलिस बल की 25 कंपनियां, त्वरित कार्रवाई बल की तीन टुकडियां और होमगाड के जवानों की तैनाती की गई है। प्रशासन ने अहमदाबाद और गोधरा में सार्वजनिक प्रदर्शनों को प्रतिबंधित कर धारा 144 लागू कर दी है।













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