कसाब की फांसी बरकरार, अंसारी, सबाउद्दीन बरी : बाम्बे हाई कोर्ट
अदालत ने फहीम अंसारी और सबाउद्दीन अहमद को बरी करने का फैसला भी बरकरार रखा गया है। इन दोनों पर मुम्बई हमलों में मदद के आरोप था। लेकिन सबूतों के अभाव में निचली अदालत ने दोनों को बरी कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ अगर आतंकी कसाब अपील करना चाहता है तो सालभर के अंदर वो सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकता है और इसके अलावा अगर इच्छा शक्ति रखते हुए सरकार आने वाले 6 महीने के अंदर कसाब की सजा को अमली जामा पहना सकती है।
गौरतलब है कि गौरतलब है कि नौ महीने पहले पाक आतंकी को मुम्बई हमलों का दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई गई थी। जस्टिस रंजना देसाई और आरवी मोरे की खंडपीठ कसाब को दी गई मौत की सजा की पुष्टि पर कोर्ट पर आज फैसला सुनाया गया था।
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गौरतलब है कि 26 नवंबर 2008 को पाकिस्तान से आए 10 आतंकियों ने मुंबई में जमकर खूनी तांडव खेला था। हालांकि जवाबी कार्रवाई में 9 आतंकियों को तो सुरक्षाबल के जवानों ने ढेर कर दिया और आतंकी आमिर अजमल कसाब जिंदा पकड़ा गया। आज ढाई साल के इंतजार के बाद आखिरकार कसाब की जिंदगी और मौत का फैसला होने जा रहा है।
कुछ ही घंटों में बॉम्बे हाईकोर्ट विशेष अदालत के उस फैसले पर अपना फैसला सुनाएगा। जिसमें कसाब को सजा-ए-मौत दी गई थी। आपको बता दें कि 26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए आतंकी हमलों में 165 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 300 से ज्यादा लोग जख्मी हुए थे।
आम जनमानस इस फैसले पर क्या सोचता है, अपनी बात नीचे लिखे कमेंट बॉक्स में दर्ज करायें।













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