अंतर्राष्ट्रीय अधिग्रहण कानूनों को सरल करें : सीआईआई
सीआईआई ने वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की औद्योगिकी नीति और संवर्धन से सम्बंधित विभाग को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें कहा गया कि भारतीय कम्पनियों को विकास के लिए अंतर्राष्ट्रीय कम्पनियों में हिस्सेदारी खरीदनी होगी, क्योंकि उनके विकास के लिए सिर्फ अधिक प्रतियोगी बनना ही नहीं बल्कि वैश्विक बाजार में पहुंच बनाना भी जरूरी है।
ज्ञापन में कहा गया कि मौजूदा कम्पनी कानून के मुताबिक अधिग्रहण और साझीदारी की प्रक्रिया अदालत से होकर गुजरती है, जिसमें काफी वक्त लगता है। इसमें ऐसे कानून बनाने की सलाह दी गई, जो भारतीय कम्पनियों द्वारा अंतर्राष्ट्रीय कम्पनियों के अधिग्रहण या उनके साथ साझेदारी को आसान बनाए।
सीआईआई ने कहा कि मौजूदा कानून के मुताबिक कई मामलों में किसी दूसरी कम्पनी का अधिग्रहण करने के लिए एक कम्पनी को अपने शेयरधारकों से अनुमति लेनी होती है और उन्हें लक्षित कम्पनी के बारे में कई रणनीतिक महत्व की सूचनाएं देनी होती है, जिससे ये सूचनाएं बाजार में आ जाती हैं और अधिग्रहण की दौर में शामिल प्रतिस्पद्र्धी के पास पहुंच जाती हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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