अपराधी से निपट लिया, अब उल्लू पर नजर रखो
सुमित कुमार सिंह
नई दिल्ली, 20 फरवरी (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल रोहताश कुमार उस वक्त हक्के -बक्के रह गए, जब उन्हें एक उल्लू की देखरेख का जिम्मा सौंपा गया। अब तक बड़े-बड़े अपराधियों से निपटने वाले रोहताश कुमार के लिए यह निश्चित रूप से चौंकाने वाला था। लेकिन यह कोई सामान्य उल्लू नहीं, बल्कि एक आपराधिक मामले में महत्वपूर्ण गवाह है।
बाज प्रजाति के इस उल्लू को बुधवार को दिल्ली पुलिस ने दिल्ली-उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे पूर्वी दिल्ली के इलाके से एक तांत्रिक से बरामद किया था। 11 फरवरी को पुलिस ने उल्लू के मालिक को भी गिरफ्तार कर लिया। फिर 16 फरवरी को कालकाजी इलाके से तांत्रिक के दो अन्य सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि तांत्रिक ने इसका इस्तेमाल कर 500 से अधिक लोगों को लाखों रुपये का चूना लगाया। उनके खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
22 साल पुलिस को अपनी सेवा दे चुके रोहताश कुमार के लिए 24 घंटे तक उल्लू की देखभाल अपराधियों से निपटने से भी अधिक चुनौतीपूर्ण रहा। उन्हें न तो इसके बारे में बहुत जानकारी थी और न ही इसके खानपान के बारे में। उन्होंने जैसे-तैसे उसके भोजन संबंधी जानकारी जुटाई और उसे खाने को दिया।
कुमार के अनुसार उन्होंने इससे पहले अपने जीवन में उल्लू नहीं देखा था। अब तक सिर्फ किताबों में उल्लू की तस्वीर देखने वाले कुमार के लिए उल्लू की देखरेख की जिम्मेदारी अचम्भित करने वाला था।
24 घंटे उल्लू की देखरेख की जिम्मेदारी के बाद अगले दिन सुबह उन्होंने इसे कोर्ट में पेश किया, जहां से इसे वन्य जीव से सम्बंधित एक गैर सरकारी संगठन को सौंप दिया गया। मामले की जांच कर रहे अधिकारी के मुताबिक उल्लू जालसाजी के इस मामले में एक अहम गवाह है। इसे दोबारा अदालत में पेश करने की जरूरत पड़ सकती है।
उधर, पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने एक रिपोर्ट में इस बात पर चिंता जताई कि काला जादू और चिकित्सकीय परीक्षण के नाम पर हजारों उल्लुओं को निशाना बनाया जाता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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