बहरीन में अशांति के लिए ब्रिटिश नागरिक पर आरोप
मनामा/तेहरान, 20 फरवरी (आईएएनएस)। बहरीन की राजधानी मनामा में पर्ल स्क्वे यर पर लोकतंत्र समर्थक हजारों प्रदर्शनकारियों पर हिंसक हमले के लिए बहरीन के शाह, हमद बिन ईसा अल-खलीफा के एक ब्रिटिश सलाहकार को जिम्मेदार ठहराया गया है।
ईरान के प्रेस टीवी के अनुसार इयान हेंडरसन इसके पहले बहरीन की सरकारी सुरक्षा के प्रमुख के रूप में 30 वर्षो तक (1998 तक) काम कर चुके हैं।
सरकार ने तानाशाही के अंत की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों पर हिंसक कार्रवाई की है। इस हमले में छह लोग मारे गए थे और सैकड़ों अन्य घायल हो गए थे।
प्रदर्शनकारी पहले तो लोकतांत्रिक सुधारों की मांग कर रहे थे, लेकिन अब उन्होंने सत्ता परिवर्तन की मांग सामने रख दी है।
बहरीन की राजधानी मनामा की सड़कों पर तनाव पसरा हुआ है। हमले के बाद भी सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों ने पर्ल स्क्वे यर पर मोर्चा संभाल लिया है।
ये घटनाएं तब घटित हुईं, जब शाहजादे शेख सलमान बिन हमद अल-खलीफा ने सैन्य वाहनों को वापस जाने का आदेश दिया। आदेश के थोड़े ही समय बाद प्रदर्शनकारी स्क्वे यर पर उमड़ पड़े और वहां अपने तंबू खड़े कर दिए। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे।
बहरीन के शाह ने शनिवार को राष्ट्रीय संवाद का आह्वान किया था, लेकिन मुख्य विपक्षी समूह, अल-वफाक ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इस समूह का कहना है कि पहले सरकार को इस्तीफा दे देना चाहिए।
बहरीन के अति वरिष्ठ शिया मौलाना, शेख ईसा कासिम ने प्रदर्शनकारियों पर किए गए इस हमले को नरसंहार करार दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने बातचीत का दरवाजा बंद कर दिया है।
पश्चिमी देशों ने बहरीन से आग्रह किया है कि उसे प्रदर्शनकारियों के साथ निपटते समय संयम बरतना चाहिए। इसके साथ पश्चिमी देशों ने अर्थपूर्ण सुधारों का आह्वान किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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