राजा तिहाड़ पहुंचे, घर का खाना खा सकेंगे (लीड-2)
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के विशेष न्यायाधीश न्यायमूर्ति ओ. पी. सैनी ने राजा को तीन मार्च तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया, क्योंकि जांच एजेंसी ने पूछताछ के लिए रिमांड की अवधि बढ़ाने की मांग नहीं की। राजा को घर का बना भोजन, पढ़ने के लिए चश्मा व किताबें और दवाइयां लेने की अनुमति दी गई है।
राजा के वकील रमेश गुप्ता ने अदालत से अनुरोध किया कि राजा को तिहाड़ जेल में अपने साथ दवाइयां, किताबें और चश्मा रखने तथा घर का बना खाना खाने की इजाजत दी जाए। अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया।
राजा पश्चिमी दिल्ली स्थित तिहाड़ जेल में शाम करीब छह बजे पहुंचे। जेल के प्रवक्ता सुनील गुप्ता ने ेबाताया कि राजा 'कारागार संख्या एक' में हैं। कारागार का यह प्रकोष्ठ ऊंचे रसूख वालों के लिए है।
अदालत का आदेश आने के बाद ऐसा लग रहा था, जैसे राजा को काफी राहत महसूस हुआ हो। अदालत के बाहर पहुंचे अपने समर्थकों का उन्होंने हाथ हिलाकर अभिवादन किया। उनके अधिकांश समर्थक अदालत के उस कमरे के बाहर जमे रहे, जहां सुनवाई चल रही थी।
कई समर्थकों ने राजा के पैर छुए और उनसे आशीर्वाद लिया। इनमें से एक समर्थक ने अपनी जेब से राजा की तस्वीर निकाली और कहा, "यह हमारे देवता हैं।"
खचाखच भरी अदालत में न्यायाधीश द्वारा आदेश जारी किए जाने के बाद पुलिसकर्मी राजा को साथ लेकर निकले। उन्हें उस लॉक-अप में रखा गया था, जिसमें आम अपराधी थे। ये सभी शाम को तिहाड़ जेल जाने के इंतजार में थे।
जेल में राजा को उनके पूर्व सहयोगियों दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा और निजी सचिव आर.के. चंदोलिया से दूर रखा जाएगा। इन दोनों को आठ फरवरी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में यहां लाया गया था। दोनों की न्यायिक हिरासत अवधि 22 फरवरी को पूरी होगी।
राजा को दो फरवरी को 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उन्हें पहले पांच दिनों की सीबीआई हिरासत में भेजा गया था। कहा गया है कि इस घोटाले से राजकोष को राजस्व का भारी नुकसान हुआ है।
जांच एजेंसी के मुताबिक द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के नेता राजा पर बाजार दर से कम मूल्य पर स्पेक्ट्रम लाइसेंस बेचने का आरोप है, जिससे राजकोष को 22,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा राजा के घोटाले में शामिल होने और उससे राजकोष को भारी नुकसान होने का संकेत दिए जाने पर राजा को पिछले वर्ष 14 नवम्बर को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
जांच एजेंसी द्वारा अदालत को यह बताने पर कि पूछताछ के दौरान राजा सहयोग नहीं कर रहे हैं और गोल-मटोल जवाब दे रहे हैं, उनकी सीबीआई हिरासत अवधि आठ फरवरी को दो दिन और बढ़ा दी गई थी।
सीबीआई की 10 फरवरी की दलील पर पूर्व मंत्री की पुलिस हिरासत अवधि दो दिन और बढ़ा दी गई। 14 फरवरी को उनकी सीबीआई हिरासत अवधि तीन दिन के लिए बढ़ा दी गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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