अगवा जिलाधिकारी की रिहाई के लिए रैली निकाली
अतिरिक्त जिलाधिकारी एस.एल. सील ने आईएएनएस को बताया कि ज्यादातर सरकारी कार्यालय, व्यापारिक प्रतिष्ठान, स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षिक संस्थान बंद रहे।
उन्होंने बताया कि रैली में शामिल छात्रों और स्थानीय लोगों ने तख्तियां ली हुई थीं। इनमें से कुछ तख्तियों पर 'हमारे जिलाधिकारी को रिहा करो', 'हम अपने जिलाधिकारी की सुरक्षित रिहाई चाहते हैं।' लिखा हुआ था।
उन्होंने बताया कि बंद के चलते जिला मुख्यालय कस्बे में सड़क यातायात भी प्रभावित हुआ।
पुलिस ने बताया कि गत बुधवार शाम को करीब छह नक्सलियों ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी आर. वीनल कृष्णा और उनके साथ मौजूद कनिष्ठ अभियंता पवित्र मोहन माझी का चित्रकोंडा इलाके से अपहरण कर लिया था।
पुलिस के अनुसार नक्सलियों ने अपनी मांग को मानने के लिए सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। नक्सलियों ने उनकी रिहाई के लिए सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे अभियान को रोकने की मांग की है।
ज्ञात हो कि यह पहला मौका है जब नक्सलियों ने राज्य में एक आईएएस अधिकारी को अगवा किया है। केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम शुक्रवार को नक्सल प्रभावित 60 जिलों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बैठक करने वाले थे। इसके दो दिन पहले नक्सलियों ने इस घटना को अंजाम दिया है।
चिदम्बरम बैठक में नक्सल प्रभावित जिलों में चलाए जा रहे एकीकृत कार्य योजना (आईएपी) के प्रभाव का आकलन करने वाले थे। जिलाधिकारी कृष्णा (30) मलकानगिरी में पिछले 16 महीनों से तैनात थे।
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा, "हम हालात पर नजर बनाए हुए हैं। मैं जनजातीय और गरीब लोगों के लिए कठिन परिश्रम के लिए मशहूर युवा जिलाधिकारी की रिहाई की अपील करता हूं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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