भविष्य की रणनीति तय करेगी नेशनल कांफ्रेंस
केंद्र सरकार जब कश्मीर मुद्दे का ठोस समाधान चाहती है और मुख्य विपक्षी दल पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) भी कश्मीर समस्या का हल निकालने के प्रति दृढ़ता दिखा रही है तब नेकां भी कश्मीर मुद्दे के समाधान में अपनी अग्रणी भूमिका तलाश रही है।
नेकां की कार्यसमिति के एक सदस्य ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है, "हां, हम 19 फरवरी को जम्मू में बैठक कर रहे हैं।" पार्टी इस बात का भी आकलन करेगी कि उसने सरकार में रहते हुए और सरकार से बाहर रहने के दौरान राज्य में और खासकर घाटी में शांति बहाली के लिए क्या काम किया।
ऐसा माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से जुड़ी दो प्रमुख घटनाओं ने लोगों के सामने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस तरह के सभी मुद्दों पर नेकां का रुख दृढ़ है।
पहली घटना उमर अब्दुल्ला का छह अक्टूबर को राज्य विधानसभा में दिया गया भाषण है, जिसमें उन्होंने जोर देकर कहा था कि जम्मू एवं कश्मीर ने भारत में शामिल होना स्वीकार किया था लेकिन उसका विलय नहीं हुआ था। दूसरी घटना में अब्दुल्ला का जनवरी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की 'राष्ट्रीय एकता यात्रा' को रोकना है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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