पृथक तेलंगाना के लिए अब असहयोग आंदोलन
हैदराबाद। आंध्र प्रदेश के तेलंगाना क्षेत्र में गुरुवार को असहयोग आंदोलन शुरू हो गया। पृथक राज्य के गठन सम्बंधी विधेयक को संसद में पेश करने को लेकर दबाव बनाने के लिए यह आंदोलन शुरू हुआ। पृथक राज्य के गठन की मांग को लेकर तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सहित कई अन्य समूहों की ओर से बनाई गई संयुक्त कार्य समिति (जेएसी) ने अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। इसमें 300,000 से अधिक सरकारी कर्मचारी हिस्सा ले रहे हैं।
मुख्य विपक्षी दल तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने भी आंदोलन में सहयोग की घोषणा की है। ये दोनों दल जेएसी में शामिल नहीं हैं।
आयोजकों ने बताया कि आंदोलन में नगर निगम, सहकारी समिति सहित सरकारी कर्मचारियों के शामिल होने की वजह से प्रशासनिक कामकाज में रुकावट आने की सम्भावना बढ़ गई है। राज्य के आंध्र और रायलसीमा क्षेत्र में सरकारी कर्मचारी दफ्तर तो जाएंगे लेकिन कोई काम नहीं करेंगे और न ही अपने वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश का पालन करेंगे।
कर्मचारियों ने प्रदर्शनों से दूर रहने की राज्य सरकार की अपील को ठुकरा दी है और उन्होंने आवश्यक सेवा रखरखाव कानून (एस्मा) को भी मानने से इंकार कर दिया है।पृथक राज्य के गठन की मांग को लेकर सरकार पर दबाव बनाने के लिए शिक्षक, वकील और छात्रों ने भी आंदोलन में शामिल होने का ऐलान किया है।
जेएसी ने लोगों से राज्य परिवहन निगम की बसों में यात्रा के दौरान टिकट न खरीदने और कर का भुगतान न करने की अपील की है।
टीआरएस विधायक के. तारकरामा राव ने पार्टी के विधायकों और नेताओं के साथ हैदराबाद में औपचारिक रूप से आंदोलन की शुरुआत की।
राव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि तेलंगाना के लोग जल्दी से पृथक राज्य का गठन चाहते हैं और आंदोलन के जरिए सरकार पर दबाव बना रहे हैं।












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