मैं किसी जेपीसी से नहीं डरता: मनमोहन सिंह

Manmohan Singh
नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह बुधवार को मीडिया से मुखातिब हुए। इस दौरान उन्‍होंने केंद्र सरकार की उपलब्धियों पर चर्चा की। उसके बाद मीडिया के सवालों के जवाब दिए। उन्‍होंने महंगाई को चिंता का विषय बताते हुए कहा कि सरकार ठोस कदम उठा रही है। जल्‍द ही पेट्रोल व खाद्य पदार्थों के दाम नीचे आएंगे।

मनमोहन सिंह ने कहा कि इस वित्‍तीय वर्ष के अंत तक महंगाई दर में 7 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज होगी। सरकार महंगाई को लेकर काफी गंभीरता से आंतरिक सुरक्षा की मजबूती की जरूरत है। हमें अपने देश में आतंकवादी गतिविधियों को ध्‍यान में रखते हुए सुरक्षा को मजबूत करने की जरूरत है। पर्वोत्‍तर में उलफा के साथ वार्ता जारी है, उसके अच्‍छे परिणाम मिले हैं। जम्‍मू कश्‍मीर में अब स्थिति नियंत्रण में होती दिख रही है।

विदेशी मामलों की बात करें तो इस वित्‍तीय वर्ष में संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद के पांचों शीर्ष देशों के राष्‍ट्रपति व प्रधानमंत्रियों ने हमारे देश का दौरा किया। जोकि पहले कभी नहीं हुआ था। इससे साफ है कि भारत अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर काफी तेजी से प्रगति पर है।

एक अरब की आबादी वाला यह देश लोगों की सुरक्षा को लेकर कटिबद्ध है। उसके लिए हमारी घरेलू कमजोरियों को बहुत ज्‍यादा तूल नहीं देना चाहिए। मीडिया व अन्‍य पार्टियों को सरकार के साथ मिलकर काम करने की जरूरत है। पिछले सत्र में संसद नहीं चल सकी, उसके पीछे कारणों की मैं चर्चा नहीं करना चाहूंगा। लेकिन यह जरूर वादा करुंगा कि अगला सत्र यानी बजट सत्र बिना किसी रुकावट के चलेगा।

इस संदेश के साथ मैं एक बार फिर लोगों से आह्वान करना चाहता हूं कि हम एक जुट होकर बहुत कुछ कर सकते हैं। हम मिलकर अपने देश को आगे ले जा सकते हैं।

पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब

ए राजा इतना बड़ा घोटाला करते रहे और आपको पता तक नहीं चला? इस पर प्रधानमंत्री ने कहा, "नवंबर 2007 में मैने एक पत्र लिखा था, जिसमें मैंने 2जी से संबंधित कई मुद्दों का उल्‍लेख किया था और उनसे कहा था कि वो पारदर्शिता के साथ सभी मामलों को देखें। साथ ही मैनें उन्‍हें कानून के दायरे में रहकर कार्य करने को कहा था। उसके जवाब में राजा ने कहा था कि मैं पूरी तरह पारदर्शिता निभा रहा हूं।"

पीएम ने आगे कहा- रही बात नीलामी की तो वो मेरे पास आये और बोले कि नीलामी पर ट्राई ने कोई राय नहीं दी थी। मैंने कहा था कि अगर नीलामी हुई तो नई टेलीकॉम कंपनियों को मौका नहीं मिल सकेगा। उन्‍होंने पत्र में लिखा कि वो 2जी स्‍पेक्‍ट्रम पर यथावत स्थिति के साथ जाना चाहते हैं। जब 3जी आएगा तो उसकी नीलामी आयोजित करेंगे।

लंबी चर्चा के बाद दो मंत्री 2जी के लाइसेंस बिना नीलामी के दिए जाने पर सहमत हो गए थे। चूंकि ट्राई एक विशेषज्ञ निकाय है और मंत्रालय इसे देख रहा है, इसलिए मैंने उन पर निर्भर रहते हुए रजामंदी दे दी। लाइसेंस दिये जाने पर पहले आओ पहले पाओ के बारे में मैंने कभी उनसे चर्चा नहीं की। उस दौरान राजा और डीएमके के अन्‍य नेताओं ने जिस तरह पेश किया गया, उससे मुझे कहीं भी नहीं लगा कि इसके पीछे कुछ गलत हो रहा है।

-देश के इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर पर पूछे जाने पर पीएम ने कहा इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर के लिए लॉन्‍ग टर्म के लिए पैसे की जरूरत है। विकास के लिए यह लंबित एजेंडा है। उस पर पीएम ने गेंद वित्‍तमंत्री प्रणब मुखर्जी के पाले में डालते हुए कहा कि विदेशी स्रोतों से पैस जुटाने का काम जारी है।

-कृषि और ग्रामीण विकास व अन्‍य विकास कार्यों पर सवाल उठाने पर प्रधानमंत्री ने सीधे तौर पर विपक्षी दल खास कर भाजपा को दोषी ठहराया। साथ ही उन्‍होंने राज्‍य सरकारों को भी दोषी ठहराया। उन्‍होंने कहा कि जब जब संसद की कार्यवाही आगे बढ़ाने की कोशिश की गई, तो भाजपा समेत कई दलों ने उसे चलने नहीं दिया। जिस वजह से बहस नहीं हो सकी।

-जेपीसी पर सवाल किए जाने पर प्रधानमंत्री ने कहा, मैं किसी भी जेपी या किसी भी समिति का सामना करने से डरता नहीं हूं। पीएसी का गठन हमारी सरकार की सहमति से ही हुआ। मैं यह हमेशा करता रहूंगा कि बतौर प्रधानमंत्री मैं यह कहना चाहूंगा कि जेपीसी से पहले पीएसी की कार्रवाई पूरी होनी चाहिए। मैं सोचता हूं कि संयुक्‍त दलों की सरकार में कई प्रकार के विचार उठते हैं।

-मिस्र के आंदोलन से आप कितने सहमत हैं? क्‍या भारत में मिस्र जैसे हालात हो सकते हैं? मनमोहन सिंह ने कहा कि हमें उन भारतीयों की चिंता होती है जो उन देशों में काम कर रहे हैं। मिस्र जैसे हालात यहां हो सकते हैं या नहीं, इस पर पीएम ने कहा कि ऐसा भारत में कभी नहीं होगा, क्‍योंकि यहां पर लोगों के पास पूरा अधिकार है सरकार बदलने का। मिस्र के लोग लोकतंत्र चाहते थे, और अब उन्‍हें मिल जाएगा।

-केंद्र सरकार के घुटनों के बल चलने की टिप्‍पणी पर मैं आपके माध्‍यम से भारत की जनता से यह वादा करता हूं, जिन लोगों ने गलत बात की है, उन्‍हें जरूर सजा मिलनी चाहिए।

-कांग्रेस के खिलाफ शिकायत है कि वो तेलंगाना पर निर्णय नहीं ले पा रही है। श्रीकृष्‍णा रिपोर्ट दी जा चुकी है। अब सरकार आंध्र प्रदेश के क्षेत्रीय दलों से वार्ता कर रही है। कांग्रेस का क्‍या स्‍टैंड रहेगा, उस पर मनमोहन सिंह ने फिलहाल कुछ नहीं कहा।

-क्‍या महंगाई और भ्रष्‍टाचार के कारण संप्रग के टूटने का डर है? इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि संप्रग के सहयोगी दल हमारे साथ काफी प्रगाढ़ रूप से जुड़े हुए हैं। संप्रग काफी मजबूत गठबंधन है।

-इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर के लिए लॉन्‍ग टर्म के लिए पैसे की जरूरत है। विकास के लिए यह लंबित एजेंडा है। उस पर पीएम ने गेंद वित्‍तमंत्री प्रणब मुखर्जी के पाले में डालते हुए कहा कि विदेशी स्रोतों से पैस जुटाने का काम जारी है।

-क्‍या आप अगले चुनाव के लिए अपने आपको प्रधानमंत्री का दावेदार मानते हैं। इस पर पीएम ने कहा कि इस पर अभी जवाब देना जल्‍दबाजी होगी। मैं अगले चुनाव में संप्रग सरकार को देखना जरूर चाहता हूं। संप्रग एक लोकतांत्रिक गठबंधन है जो सरकार को चलाने में सबसे ज्‍यादा सक्षम है।

-कहा जाता है कि आप भ्रष्‍ट लोगों से घिरे हुए सबसे ईमानदार प्रधानमंत्री हैं। इस पर आपकी क्‍या राय है? प्रधानमंत्री ने कहा हम बजट सत्र के बाद कैबिनेट में बदलाव करेंगे।

-भाजपा जेपीसी की मांग पर अड़ी हुई है तो क्‍या बजट सत्र चल पाएगा? इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि हम पूरी कोशिश करेंगे विपक्षी दलों को साथ लेकर चलने की।

-खाद्य महंगाई पर फिर से उठे सवाल पर प्रधानमंत्री ने माना कि पिछले एक साल में खाद्य महंगाई सबसे ज्‍यादा बढ़ी है। इसे नियंत्रित करने के लिए हम ठोस कदम उठा रहे हैं। अचानक सामाजिक सुरक्षा की बात बीच में डाल कर पीएम ने कहा कि भले ही महंगाई बढ़ रही है, लेकिन हम तमाम रोजगार स्‍कीम चला कर सामाजिक सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं।

-पिछले आठ साल में हमने दामों को नियंत्रित रखा। साथ ही कई स्‍कीम चलाईं। गरीबों को अनाज दिया और महंगाई से निजाद दिलाने के लिए गरीबों की हर संभव मदद की।

-पर्वोत्‍तर में पिछले 14 साल से चल रहे संघर्ष को समाप्‍त करने के लिए उल्‍फा से वार्ता चल रही है, लेकिन क्‍या सरकार ने कोई डेड लाइन निर्धारित की है। केंद्र सरकार इस मामले पर काफी गंभीर है, और जल्‍द ही कोई सकारात्‍मक नतीजा निकलेगा।

-भ्रष्‍टाचार से लड़ने के लिए मंत्रियों का डिस्‍क्रेशनरी कोटा खत्‍म किया जाए। यह किस प्रकार का कोटा है? इस सवाल पर पीएम ने कहा कि हमने यह काम कुछ मंत्रियों को सौंपा है और एक मुद्दा यह भी है कि डिस्‍क्रेशनरी पावर को खत्‍म किया जाए। क्‍या करना है क्‍या नहीं इसके लिए हम रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।

-एस बैंड पर कई लोग पीएमओ में और अन्‍य मंत्रालयों में ऐसे लोग हैं जो घोटालों में लिप्‍त कंपनियों से पर्दे के पीछे बात कर रहे हैं। इस पर पीएम ने कहा कि पर्दे के पीछे कोई वार्ता नहीं चल रही है। जो भी बातें होती हैं वो मंत्रियों के संज्ञान में होती हैं। इसरो इस संबंध में कार्रवाई कर रहा है। पीएमओ ने इस संबंध में पिछले साल कई पत्र अंतरिक्ष विभाग को लिखे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। लेकिन जब पीएमओ ने दबाव बनाया तब बात आगे बढ़ी। इस मामले में बड़ा घोटाला हुआ है यह कहना जल्‍दबाजी होगी, जब तक जांच में घोटाले की पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक कुछ कहना उचित नहीं है। मैं अपनी ओर से यह कह सकता हूं कि सभी से पूछताछ व वार्ता लगभग पूरी हो चुकी हैं। पीएमओ की ओर से किसी भी मालले को हलका बनाने की कोशिश नहीं की जा रही है।

-आपने ब्रिटेन सरकार से 1.6 बिलियन डॉलर की मांग की है। हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहे भारत को इतनी भारी रकम की जरूरत क्‍यों पड़ गई? इस पर पीएम ने कहा कि भारत अभी भी गरीब देश है। यहां कई विकास कार्य अभी होने हैं और उसके लिए धन जरूरी है।

अंतिम सवाल में पूछा गया कि आपने यह प्रेस कॉन्‍फ्रेस क्‍यों बुलाई? आप कहते हैं कि भ्रष्‍टाचार पर आप गंभीर हैं तो ऐसा ही क्‍यों होता है जब मीडिया ऐसे मामलों को उठाता है तभी सरकार जागती है? दूसरा सवाल यह कि आपने माना कि भ्रष्‍टाचार हुआ और महंगाई बढ़ी है। आम आदमी की कमर टूट चुकी है, आप उस पर मरहम कैसे लगाएंगे? क्‍या आप संप्रग के मुखिया होने के नाते सार्वजनिक तौर पर कोई गलती मानते हैं?

प्रधानमंत्री ने कहा, मैं पिछले सत्र में अपनी बात नहीं कह पाया था, इसलिए जनता के सामने अपनी बात रखना चाहता था। देखिए मैं ये नहीं कहता कि मुझसे कोई गलती नहीं हुई। जैसा क्रि पचार किया जा रहा है, मैं उतना गुनहगार नहीं हूं, जितना बताया जा रहा है। बजट के बारे में मैं कुछ नहीं कहना चाहूंगा, बजट सीक्रेट फाइनेंस मिनिस्‍टर के पास होते हैं, और यह उचित नहीं होगा कि हम उस पर चर्चा करें।

टेलीकॉम मंत्री कहते हैं कि 2जी में कोई घाटा नहीं हुआ, गृहमंत्री कहते हैं कि कानून व्‍यवस्‍था ठीक चल रही है। इस पर प्रधानमंत्री ने हा कि मैं इस बात से इंकार नहीं कर सकता कि हमें कानून व्‍यवस्‍था में सुधार की जरूरत है। सरकार को जो भी नुकसान हुआ है, उस पर मंत्रियों के अपने विचार हैं। हमें यह देखना होगा कि उसके सही दाम क्‍या थे।

मैं ऐसी स्थिति में नहीं हूं कि यह कह सकूं कि कोई घाटा नहीं हुआ। सीएजी ने कहा है कि 2जी में 1.76 लाख करोड़ रुपए का अनुमानित घाटा है। इसलिए यह असल घाटा कहना गलत होगा। हम अपनी ओर से हर संभव कोशिश कर रहे हैं। कभी कभी मैं खुद परेशान हो जाता हूं, लेकिन हम अपना काम कर रहे हैं।

आपकी सबसे बड़ी नाकामी, सबसे बड़ी उपलब्धि क्‍या है? मेरे कार्यकाल में जो भी घोटाले हुए वो नहीं होने चाहिए थे दूसरे मैं विकास कायों से खुश नहीं हूं। उपलब्धि की बात करें तो हमने अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर कई देशों के साथ करारों पर हस्‍ताक्षर किए हैं, जो देश को नई ऊंचाईयां देंगे।

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