अनिल अंबानी सीबीआई के दफ़्तर गए

2-जी घोटोले के सिलसिले में न सिर्फ़ ए राजा गिरफ़्तार हैं बल्कि ख़ुद प्रधानमंत्री की छवि दांव पर है
जाने-माने उद्योगपति अनिल अंबानी ने बुधवार को दिल्ली में केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) के अधिकारियों से मुलाक़ात की है.
समाचार माध्यमों के मुताबिक़ सीबीआई ने उन्हें 2-जी स्पेक्ट्रम घोटाले के सिलसिले में पूछताछ के लिए बुलाया था.
हालांकि उनके कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया, "सीबीआई ने अनिल अंबानी को तलब नहीं किया था बल्कि वो अपने साप्ताहिक दिल्ली दौरे के दौरान ख़ुद से ही सीबीआई मुख्यालय पहुँचे थे. उन्होंने अधिकारियों से दूरसंचार से संबंधित जानकारियों का आदान-प्रदान किया."
बयान में अनिल अंबानी की कंपनी ने ज़ोर देकर कहा है कि वो इस बात को दोहराना चाहते हैं कि रिलांयस टेलिकॉम, आरकॉम, रिलायंस अनिल धीरूभाई कंपनी के किसी कर्मचारी या उससे संबंधित किसी कंपनी के पास 2-जी लाइसेंस दिए जाते समय स्वान टेलीकॉम का एक भी शेयर नहीं था.
बयान में ये भी कहा गया है कि 2008 में स्वान टेलीक़ॉम को लाइसेंस मिलने से रिलायंस ग्रुप को कोई भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष फ़ायदा नहीं हुआ है.
सीबीआई ने हाल में दूर संचार क्षेत्र से संबंधित कई उद्योगपतियों से एक लाख 76 हज़ार करोड़ रुपए के 2-जी स्पेक्ट्रम घोटाले के सिलसिले में पूछताछ की है.
इस सिलसिले में पूर्व केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ए राजा और उनके कई सहयोगी जेल में हैं.
राजा पर भारत के महालेखाकार का आरोप है कि उन्होंने उद्योगपतियों से सांठ-गांठ कर टेंडर की प्रक्रिया के बिना लाइसेंस दे दिए जिससे ख़जाने को एक लाख 76 हज़ार करोड़ रुपए का नुक़सान हुआ है.












Click it and Unblock the Notifications