उस्ताद हाफिज अली खान साहेब की स्मृति में सड़क का नामकरण
हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन के दूसरे प्रवेश द्वार को रिंग रोड पर सराय काले खां की तरफ जोड़ने वाली यह सड़क 310 मीटर लम्बी है। लोकनिर्माण विभाग ने मौजूदा सड़क के सुधार और इसे 70 सेंटीमीटर ऊंचा करने के काम पर लगभग 2 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।
इस मौके पर लोकनिर्माण विभाग मंत्री राजकुमार चौहान, पूर्वी दिल्ली सांसद संदीप दीक्षित, मुख्यमंत्री के संसदीय सचिव एवं स्थानीय विधायक तरविन्द्र सिंह मारवाह, प्रधान सचिव (लोकनिर्माण विभाग) के के शर्मा, उस्ताद अमजद अली खान साहेब और गण्यमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
इस मौके पर दीक्षित ने कहा कि अब से इस सड़क को उस्ताद हाफिज अली खान साहेब के नाम से जाना जाएगा। यह सड़क निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन के दूसरे द्वार तक पहुंचने में हजारों यात्रियों के लिए सुविधाजनक है। यमुनापार, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और दक्षिण दिल्ली से स्टेशन आने-जाने वाले लोग इस सड़क का इस्तेमाल करेंगे। दीक्षित ने उस्ताद हाफिज अली खान साहेब को संगीत के क्षेत्र में प्रेरक व्यक्तित्व बताया।
हाफिज अली खान को जीवन-पर्यन्त सराहना मिली। उन्हें ऑल बंगाल म्यूजिक कांफ्रेंस ने आफताजे सरोद से नवाजा और उन्हें संगीत नाटक अकादमी का पुरस्कार दिया गया और अकादमी की फैलोशिप मिली। उन्हें विश्व भारती और खौरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय ने डॉक्टरेट की उपाधि दी। 1960 में उन्हें पदम भूषण से सम्मानित किया गया। उनकी विरासत आज भी प्रतिष्ठा हासिल कर रही है। उनके पुत्र अमजद अली खान और पोते अमान अली खान तथा अयान अली खान ने भी श्रेष्ठता हासिल कर ली है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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