करार के निरस्त होने पर देवास ने दी चेतावनी
बेंगलुरू, 16 फरवरी (आईएएनएस)। निजी कम्पनी देवास मल्टीमीडिया ने बुधवार को कहा कि यदि एस-बैंड स्पेक्ट्रम आवंटन पर उसका भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी के साथ करार निरस्त होता है तो वह 'कानूनी कार्रवाई सहित सख्त कदम उठाएगी।'
बेंगलुरू स्थित कम्पनी ने दोहराया कि 'उसका भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की व्यापारिक इकाई एंट्रिक्स के साथ कानूनी रूप से बाध्यकारी समझौता हुआ है।"
कम्पनी ने अपने एक बयान में कहा, "देवास समझौते को निरस्त नहीं करना चाहती। इसके बावजूद एंट्रिक्स अपने वादे से पीछे हटते दिख रही है। देवास को उम्मीद है कि समझौते के मुताबिक सरकार अपने सभी दायित्वों का निर्वहन करेगी।"
कम्पनी के मुताबिक, "देवास अपने हितों और अधिकारों की सुरक्षा के लिए कानूनी कार्रवाई सहित सख्त कदम उठाएगी।"
ज्ञात हो कि गत 28 जनवरी 2005 को एंट्रिक्स और देवास के बीच करार हुआ। माना जा रहा है कि इस करार से देश के राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा है। करार की आलोचना को देखते हुए इसे निरस्त किए जाने की आशंका है।
बताया जाता है कि इस करार से सरकार और इसरो दोनों को अरबों रुपये का घाटा हुआ है। हालांकि इसरो ने इससे इंकार किया है। इसरो ने उल्लेख करते हुए कहा है कि देवास को अभी न तो ट्रांसपोंडर्स आवंटित हुए हैं और न ही उसे रेडियो तरंगों की मंजूरी दी गई है।
उल्लेखनीय है कि एंट्रिक्स और देवास के बीच हुए करार को निरस्त करने की भारतीय अंतरिक्ष आयोग की सिफारिश पर अंतिम निर्णय सुरक्षा पर मंत्रिमंडल समिति (सीसीएस) करेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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