खाद्य वस्तुओं की कीमतें 'खतरनाक' स्तर पर पहुंचीं : विश्व बैंक
समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक जोलिक ने मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "जिन क्षेत्रों पर नजर रखनी चाहिए उनमें निश्चित ही राजनीतिक अस्थिरता और खाद्य पदार्थो की कीमतों के दबाव का सम्मिश्रण शामिल है।"
विश्व बैंक के अनुसार एक वर्ष पहले की तुलना में इस वर्ष जनवरी में वैश्विक खाद्य वस्तुओं की औसतन कीमतें 29 फीसदी अधिक रहीं। खाद्य पदार्थो की बढ़ती कीमतों की वजह से विकासशील दुनिया के कई हिस्सों में हिंसक उथल-पुथल मची हुई है।
मूल्य वृद्धि के कारण 4.4 करोड़ लोग बेहद गरीबी की चपेट में आ गए हैं और जोलिक ने जी-20 के देशों के नेताओं से आग्रह किया कि प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं को खाद्य संकट को प्राथमिकता देने के मकसद से एक गुट बनाना चाहिए। जी-20 के देशों के वित्त मंत्रियों की फ्रांस में शुक्रवार और शनिवार को बैठक होनी है।
जोलिक ने कहा, "अब वैश्विक खाद्य वस्तुओं की कीमत 'खतरानक' स्तर पर पहुंच चुकी है। यह पहले से ही साफ है कि हाल के दिनों में हुई मूल्य वृद्धि की वजह से दुनियाभर में लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।"
विश्व बैंक के अध्यक्ष ने कहा कि वह मूल्य वृद्धि को देखते हुए मिस्र में सेना के सत्ता सम्भालने और सितम्बर में होने वाले चुनाव पर पड़ने वाले इसके असर को लेकर बेहद चिंतित हैं। यहीं बात ट्यूनीशिया में भी लागू होती हैं, जहां लोगों के विरोध प्रदर्शनों के कारण राष्ट्रपति जैनुअल अबीदेन बेन अली को देश छोड़ना पड़ा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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