गठबंधन मजबूरी, पर भ्रष्टाचार के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा : प्रधानमंत्री (लीड-1)
प्रधानमंत्री ने 7, रेसकोर्स मार्ग स्थित अपने सरकारी आवास पर बुधवार को टेलीविजन समाचार चैनलों के सम्पादकों से बातचीत के दौरान कहा कि गठबंधन के कारण मौजूदा सरकार की अपनी सीमाएं हैं। उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार में सभी कुछ वैसे नहीं होता जैसा आप चाहते हैं, गठबंधन धर्म का पालन भी करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के हाल के मामलों को देखते हुए भी कभी उनके मन में पद से इस्तीफा देने का ख्याल नहीं आया। मौजूदा व्यवस्था में भ्रष्टाचार को चिंता का विषय करार देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "यदि न्यायपालिका या विधायिका या फिर जीवन के किसी भी क्षेत्र में भ्रष्टाचार है तो उसे निश्चित तौर पर खत्म करना होगा।"
उन्होंने वादा किया कि भ्रष्टाचार के दोषियों को कठोर सजा दी जाएगी। "मैं आपके माध्यम से देश की जनता से वादा करता हूं कि भ्रष्टाचार के मामलों में जो कोई भी दोषी पाया जाएगा उसे कड़ी सजा दी जाएगी।"
प्रधानमंत्री ने कहा, "मीडिया ने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन, राष्ट्रमंडल खेलों और हाल ही में अंतरिक्ष एजेंसी एवं आदर्श सोसायटी के मामलों में बरती गई कुछ अनियमितताओं की ओर देश का ध्यान खींचा है।"
प्रधानमंत्री से जब यह पूछा गया कि क्या वह राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन में हुए घोटालों की जांच में हो रही देरी से निराश हैं, तो उन्होंने कहा सरकार अपनी सर्वोत्तम कोशिश कर रही है, लेकिन इसमें एक कानूनी प्रक्रिया शामिल है। "कभी-कभी यह निराशाजनक होता है.. इसमें समय लगता है।"
मनमोहन सिंह ने कहा, "आपको मेरा आश्वासन है कि गड़बड़ी करने वाले बच नहीं पाएंगे।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्व केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ए. राजा ने उनसे 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन प्रक्रिया में पूरी तरह से पारदर्शिता बरतने का वादा किया था।
उन्होंने कहा, "मैंने राजा को दो नवम्बर 2007 को पत्र लिखा था। मैंने अपनी चिंता के कुछ मुद्दे लिखे थे और उन पर स्पष्टता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने को कहा था। मैंने उनसे स्पेक्ट्रम की नीलामी कराने के तकनीकी और कानूनी पक्ष के बारे में भी पूछा था।"
"उसी दिन उन्होंने मुझे पत्र लिखकर कहा कि वह इन सभी मुद्दों पर पारदर्शिता रखेंगे मुझे आश्वस्त किया था कि भविष्य में भी वह अपनी तरफ से ऐसा कुछ नहीं करेंगे जिससे पारदर्शिता प्रभावित हो।"
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर मीडिया की कुछ रिपोर्ट आईं थीं और कुछ दूरसंचार कम्पनियों ने चिंताएं व्यक्त की थीं लेकिन इन मुद्दों पर पक्ष और विपक्ष दोनों ओर से शिकायतें थीं।
इसके बावजूद राजा को दूसरी बार अपने मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार में चीजें वैसी नहीं होती जैसी आप चाहते हैं और गठबंधन धर्म का पालन भी करना पड़ता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने कभी यह दावा नहीं किया की उनसे कभी कोई गलती नहीं हुई लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिस व्यापक तरीके से प्रचार किया जा रहा है वह उतने भी दोषी नहीं हैं।
उन्होंने कहा, "मैं यह नहीं कहता हूं कि मैंने कभी कोई गलती नहीं की लेकिन जिस व्यापक स्तर पर प्रचार किया जा रहा है और दिखाया जा रहा, मैं उतना दोषी भी नहीं हूं।"
उन्होंने कहा कि सरकार ने भ्रष्टाचार और काले धन के मुद्दे से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विदेश के बैंकों में जमा काले धन को वापस लाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और सम्बंधित देशों से जानकारी प्राप्त करने के लिए संधियों में संशोधन किए जाने की कोशिशें जारी हैं।
उन्होंने कहा, "काला धन, जो कानूनी तौर पर हमारा है, उसे वापस लाने के लिए हम हर सम्भव कदम उठाएंगे।"
उनके अब तक के कार्यकाल के सबसे बड़े अफसोस एवं सबसे बड़ी उपलब्धि के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा, "ये जो अनियमितताएं हुई हैं, उन्हें लेकर मुझे निश्चित तौर पर अफसोस। मैं इन घटनाओं से बहुत खुश नहीं हूं।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बिल्कुल सच है कि प्रतिकूल वैश्विक आर्थिक स्थितियों के दौरान उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था को जो स्थिर बनाए रखा, यह उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वह नहीं समझ पाए हैं कि संसद का पिछला सत्र किन कारणों से नहीं चल सका लेकिन अगले सत्र के साथ ऐसा न हो, इसके लिए सरकार ईमानदारी से प्रयास कर रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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