मिलावट खोरों पर नकेल कसने के लिए नीलकेणी ने बनाई टास्क फोर्स

नई दिल्ली। चौंक गये ना आप, हम भी चोंक गये थे लेकिन यही सच है। अब गरीबों के घर मिट्टी के तेल और रसोई गैस और खाद सरकारी रूप में पहुंचेगे। और इन्हें पहुंचायेंगे वो लोग जिन्हें सरकार ने नियुक्त किया है। जीं हां सरकार ने गरीबों को सीधे तौर पर मिट्टी के तेल, रसोई गैस और खाद की सब्सिडी पहुंचाने के लिए एक टास्क फोर्स गठित की है।

और इस फोर्स का गठन करने वाले हैं UAIDAI के चेयरमैन नंदन नीलकेणी। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण की अगुआई में एक कार्यबल गठित किया गया है जो सब्सिडी पाने वाले व्यक्तियों और परिवारों तक सीधे छूट पहुंचाने का रास्ता बतायेगा। ये तंत्र ये भी देखेगा कि कहीं गरीबों तक पहुंचने में सब्सिडी में कोई धांधली तो नहीं हो रही है। साथ ही तंत्र ये भी देखेगा कि ऐसा क्या किया जाये जिससे सीधे तौर पर गरीबों को सरकार द्वारा करायी गई छूट राशि का फायदा हो।

इस तंत्र में वित्त मंत्रालय, खाद विभाग, कृषि मंत्रालय, पैट्रोलियम विभाग और ग्रामीण विकास मंत्रालय भी शामिल हैं, सरकार का आदेश है कि टास्क फोर्स की रिपोर्ट चार महीने के अंदर तैयार हो जानी चाहिए। तीनों सब्सिडियों का वितरण करने वाले मंत्रालयों द्वारा रिपोर्ट में दी गई अनुशंसाओं को छह महीने तक लागू किया जाएगा। मंत्रालयों द्वारा लागू किए गए अनुशंसाओं की अंतरिम रिपोर्ट को देने के बाद फील्ड में लागू करने के लिए टॉस्क फोर्स अंतिम रिपोर्ट देगा।

आपको बता दें कि सरकार रियायती दामों पर मिट्टी का तेल बीपीएल परिवारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिए देती है। सरकार के पास रिपोर्ट है कि वितरण किए जाने वाले इस तेल की काफी मात्रा चोरी हो जाती है और मिलावटी धंधे में इस्तेमाल की जाती है। इस लिए मिलावट खोरों की नकेल कसने के लिए सरकार ने टास्क फोर्स बनायी है।

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