शिव सेना ने मनसे के साथ गठबंधन का प्रस्ताव खारिज किया
पार्टी के मुख पत्र 'सामना' में एक सम्पादकीय में ठाकरे ने कहा कि राज्य में 22 वर्ष पुराने शिव सेना-भाजपा गठबंधन ने सुखद 'राम बाम' का काम किया है, लिहाजा यहां किसी तीसरे 'झंडू बाम' की कोई आवश्यकता नहीं है।
ठाकरे की यह तीखी टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब एक दिन पहले ही मुंडे ने राज ठाकरे के मनसे को शिव सेना-भाजपा गठबंधन में शामिल करने का दोबारा प्रस्ताव रखा था। मुंडे लोकसभा में भाजपा के उप नेता हैं।
पिछले सप्ताह औरंगाबाद में भाजपा की राज्य इकाई के पदाधिकारियों की बैठक में मुंडे ने पहली बार यह सुझाव सामने रखा था, जिसे शिव सेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने सिरे से खारिज कर दिया था।
एक सप्ताह बाद मुंडे ने कुछ मीडियाकर्मियों के समक्ष अनौपचारिक रूप से कहा कि उनके प्रस्ताव को सेना और मनसे ने सिरे से खारिज नहीं किया है।
इसके अलावा उन्होंने यह कहा कि दोनों पार्टियों के सामान्य कार्यकर्ता इस तरह के गठबंधन के पक्ष में हैं। यह गठबंधन तीनों पार्टियों को राज्य में सत्ता में पहुंचाने में मददगार साबित होगा।
ठाकरे ने सम्पादकीय में वरिष्ठ भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद की उस टिप्पणी की प्रशंसा की है, जिसमें उन्होंने यहां कहा था कि किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन सम्बंधी बात का अधिकार पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को होगा।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में सेना-भाजपा गठबंधन मजबूत है और भाजपा राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य को ध्यान में रखते हुए गठबंधन करने पर विचार करती है।
ठाकरे ने सम्पादकीय में कहा है, "कई लोग राज्य में भाजपा-सेना के 22 साल पुराने गठबंधन से जलते हैं और वे इसे तोड़ना चाहते हैं। लेकिन यह गठबंधन स्वार्थी उद्देश्यों के लिए नहीं बना है, बल्कि हिंदुत्व के लिए बना है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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