भारत ने अमेरिका के साथ विद्यार्थियों का मुद्दा उठाया
वाशिंगटन, 14 फरवरी (आईएएनएस)। विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा ने कैलीफोर्निया के एक बोगस विश्वविद्यालय से सम्बद्ध 1,500 से अधिक भारतीय विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन से निजी तौर पर हस्तक्षेप करने को कहा है।
भारतीय दूतावास ने यहां कहा है कि कृष्णा ने कैलीफोर्निया के प्लीजेंटॉन स्थित ट्राई वैली यूनिवर्सिटी (टीवीयू) से सम्बद्ध भारतीय विद्यार्थियों के मुद्दे को शनिवार को क्लिंटन के साथ बातचीत में उठाया था। इस यूनिवर्सिटी को छात्र वीजा बेचने के आरोप में पिछले महीने बंद कर दिया गया था।
अपने छात्र वीजा को बचाए रखने लिए टीवीयू के करीब 1,555 विद्यार्थियों को यदि किसी अन्य संस्थान में प्रवेश नहीं मिलता तो उन्हें वापस स्वदेश लौटाया जा सकता है।
इन विद्यार्थियों में 90 प्रतिशत भारत से हैं और उनमें अधिकांश आध्र प्रदेश के हैं।
दूतावास ने कहा है कि दूतावास और विभिन्न भारतीय वाणिज्य दूतावास इस मुद्दे के समाधान के लिए विद्यार्थियों के साथ तथा अमेरिकी अधिकारियों के साथ नियमित रूप से सम्पर्क में रहेंगे।
भारतीय राजदूत मीरा शंकर, कृष्णा की बातचीत को आगे बढ़ाने के क्रम में क्लिंटन से अगले सप्ताह मुलाकात कर सकती हैं। मीरा शंकर ने इसके पहले अमेरिकी आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) निदेशक जॉन मॉर्टन से इस मुद्दे पर बात की थी और कहा था कि बेगुनाह विद्यार्थियों को पीड़ित नहीं किया जाना चाहिए।
उस समय जॉन मॉर्टन ने शंकर को आश्वस्त किया था कि अमेरिकी अधिकारी इस मुद्दे के साथ न्यायोचित तरीके से पेश आएंगे। भारत ने अमेरिकी विदेश विभाग एवं घरेलू सुरक्षा विभाग के साथ भी इस मुद्दे को उठाया था।
भारतीय कोशिशों के जवाब में आईसीई ने 28 जनवरी और आठ फरवरी को ट्राई वैली के विद्यार्थियों के लिए अपनी वेबसाइट एचटीटीपी://डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट आईसीई डॉट जीओवी/एसईवीआईएस/ट्राई-वैली-110118डॉट एचटीएम पर दिशानिर्देश जारी किए थे।
पीड़ित विद्यार्थियों को सुझाव दिया गया था कि वे स्टूडेंट एक्सचेंज विजिटर्स प्रोग्राम (एसईवीपी) से सम्पर्क करें और अपने बारे में खास विवरण उपलब्ध कराएं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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