विश्व डाक टिकट प्रदर्शनी शनिवार से, राष्ट्रपति करेंगी उद्घाटन
नई दिल्ली, 12 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय डाक विभाग 12 से लेकर 18 फरवरी तक यहां के प्रगति मैदान में इंडीपेक्स-2011 (विश्व डाक टिकट प्रदर्शनी) आयोजित करेगा। इस आयोजन में भारतीय फिलाटेलिक कांग्रेस के साथ-साथ फेडरेशन ऑफ इंटर एशियन फिलाटेली का सहयोग दे रहा है।
राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील इंडीपेक्स-2011 का उद्घाटन करेंगी। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य फिलाटेली को बढ़ावा देना और फिलाटेलिक हितधारकों, संग्रहकर्ताओं, विक्रेताओं, टिकट डिजाइनरों और मुद्रकों तथा डाक विभाग के प्रशासकों के बीच संपर्क कायम करने के लिए एक मंच उपलब्ध कराना है।
इस प्रदर्शनी में विभिन्न श्रेणियों में विश्व भर से डाक टकिटों, लेखन सामग्रियों और फिलाटेलिक साहित्य के कुछ श्रेष्ठ संग्रहों को दर्शाया जाएगा। इस प्रदर्शनी में 28 डाक टिकट विक्रेताओं और डाक विभाग के 31 प्रशासकों के अलावा 70 देशों के 595 संग्रहकर्ता भाग लेंगे।
प्रदर्शनी में दर्शाए जा रहे दुर्लभ डाक टकिटों में 1854 में जारी की गई सबसे कीमती भारतीय डाक टिकट 'उल्टे सिर वाली चार आने मूल्य' की होगी। खादी डाक टिकट : कई देशों ने रेशम जैसी वैकल्पिक सामग्रियों के साथ डाक टिकट छापने के लिए प्रयोग किया है, लेकिन भारतीय डाक विभाग ने अब तक सुगंधित डाक टिकटों के तीन सेटों सहित कागज पर मुद्रित डाक टिकटों का ही इस्तेमाल किया है।
इंडीपेक्स-2011 का उद्घाटन करते समय राष्ट्रपति खादी पर छपा विशेष डाक टिकट पहली बार जारी करेंगी। खादी डाक टिकट महात्मा गांधी पर आधारित होगा।
प्रदर्शनी के दौरान खादी डाक टिकट के सीमित संस्करण विशेष संग्रह के रूप में 250 रुपये मूल्य पर उपलब्ध होंगे। प्रदर्शनी में "हवाई डाक के 100 वर्ष, डाक टिकटें और यंग इंडिया" इस प्रदर्शनी के अन्य आकर्षण होंगे।
उल्लेखनीय है कि भारत में इस प्रकार की पहली प्रदर्शनी 1954 में और अंतिम प्रदर्शनी 1997 में आयोजित की गई थी। भारत में यह प्रदर्शनी इस प्रकार की चौथी प्रदर्शनी होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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