मुबारक ने 30 साल बाद पद छोड़ा, मिस्र में जश्न का माहौल (राउंडअप)
मुबारक द्वारा इस्तीफा दिए जाने के बाद देश की सत्ता सर्वोच्च सैन्य परिषद के हाथों में चली गई है। उधर, भारत सहित कई देशों ने मुबारक के पद से हटने की पहल का स्वागत किया।
मुबारक ने एक दिन पहले गुरुवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में इस्तीफा देने से इंकार कर दिया था लेकिन जन आंदोलन और विश्व समुदाय के दबाव के बीच शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
उपराष्ट्रपति उमर सुलेमान ने घोषणा की कि सत्ता की बागडोर अब सेना संभालेगी। सुलेमान ने कहा कि फिलहाल राष्ट्रपति का कार्य सर्वोच्च सैन्य परिषद संभालेगी। सुलेमान ने सरकारी टेलीविजन पर अपने संक्षिप्त वक्तव्य में कहा, "मुबारक ने देश हित में राष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है।"
मुबारक ने पद छोड़ने से पहले अपनी सत्ता मिस्र के सशस्त्र बलों की सर्वोच्च परिषद को सौंपी। इस परिषद के प्रमुख सदस्यों में से एक देश के उप राष्ट्रपति उमर सुलेमान हैं।
देश के खुफिया विभाग के प्रमुख रहे सुलेमान शक्तिशाली परिषद के महत्वपूर्ण व्यक्तियों में से एक हैं। इस परिषद में सेना के वर्तमान और पूर्व अधिकारी शामिल हैं।
सुलेमान (77) ने पूर्व सोवियत संघ में सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद वह देश के खुफिया विभाग के प्रमुख बने।
गत 25 जनवरी से देश में तेजी से बदले घटनाक्रम के बाद उन्हें गत 29 जनवरी को मिस्र के उपराष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई गई।
राष्ट्रपति मुबारक के हटने के बाद देश की बागडोर इस शक्तिशाली परिषद के हाथ में है। इस परिषद में रक्षा मंत्री मोहम्मद हुसैन तंतावी, मिस्र सेना के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल सामी अनान और नागरिक उड्डयन मंत्री एयर मार्शल अहमद शफीक सहित अन्य लोग शामिल हैं।
सुलेमान ने कहा कि मुबारक अपने परिवार के साथ काहिरा छोड़कर सिनाई के शर्म-अल-शेख विश्रामस्थल चले गए हैं।
अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के पूर्व अध्यक्ष और राष्ट्रपति मुबारक के खिलाफ आवाज उठाने वालों में से एक अल बरदई ने शुक्रवार को लोगों से कहा, "मिस्र आज आजाद हो गया और हमें इस पर गर्व है। खुदा सबको सलामत रखें।"
उन्होंने कहा, "30 वर्षो के दमन के बाद देश आखिरकार स्वतंत्र हो गया।"
मुबारक के पद छोड़ने की घोषणा के साथ ही राजधानी काहिरा के तहरीर चौक पर पिछले 18 दिनों से डटे हजारों प्रदर्शनकारी खुशी से झूम उठे। प्रदर्शनकारियों ने नाच-गाकर खुशी का इजहार किया। तहरीर चौक पर मौजूद हजारों लोगों ने 'मिस्र आजाद, मिस्र आजाद' के नारे लगाए।
राष्ट्रपति के जाने की खबर मिलते ही लोगों में खुशियों का ठिकाना नहीं रहा। प्रदर्शनकारियों में जबर्दस्त उत्साह देखा गया। लोगों ने बैनर और पोस्टर के साथ अपनी खुशियों का इजहार किया।
भारत सहित विश्व समुदाय ने मुबारक के पद छोड़ने का स्वागत किया है।
भारत ने मुबारक के 30 साल बाद पद छोड़ने के फैसले का स्वागत किया और समयबद्ध तरीके से शांतिपूर्ण सत्ता हस्तांतरण की उम्मीद जताई।
विदेश मंत्री एस.एम. कृष्णा ने एक बयान में कहा, "मिस्र के लोगों की आंकाक्षा का ध्यान रखते हुए राष्ट्रपति मुबारक के पद छोड़ने के फैसले का हम स्वागत करते हैं।"
बयान में उन्होंने कहा, "हम सशस्त्र बलों की सर्वोच्च परिषद की उस वचनबद्धता का भी स्वागत करते हैं जिसमें उन्होंने खुला और शासन की जनतांत्रिक रूपरेखा तैयार करने के लिए समयबद्ध तरीके से शांतिपूर्ण सत्ता हस्तांतरण का वाद किया था।"
कृष्णा ने कहा, "हमें मिस्र के लोगों के साथ अपने गहरे पारम्परिक सम्बंध पर गर्व है। हम उन्हें शांति, स्थायित्व और समृद्धि की शुभकामनाएं देते हैं।"
यूरोपीय संघ ने देश में व्यापक जनाधार वाली सरकार के गठन की वकालत की है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने कहा कि मिस्र की घटना का असर उसकी सीमा के बाहर भी महसूस किया जाएगा।
ईरान, कतर, फिलीस्तीन ने भी मुबारक के पद छोड़ने का स्वागत किया है वहीं इजरायल ने उम्मीद जाताई कि सत्ता में बदलाव से दोनों देशों के बीच शांति संधि पर असर नहीं पड़ेगा।
उल्लेखनीय है कि हजारों की संख्या में लोग गत 25 जनवरी से मुबारक को सत्ता छोड़ने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। 18 दिनों के प्रदर्शन और चौतरफा दबावों के चलते मुबारक को आखिरकार सत्ता छोड़नी पड़ी।
वर्ष 1981 से मिस्र की सत्ता पर काबिज मुबारक ने अपने खिलाफ बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बाद कहा था कि वह अपना कार्यकाल समाप्त होने के बाद सितम्बर में अपने पद से हट जाएंगे लेकिन जनता को उनका यह प्रस्ताव मंजूर नहीं हुआ और उन्होंने अपना प्रदर्शन जारी रखा।
पिछले दो सप्ताह में आंदोलन के बढ़ने के साथ ही मुबारक ने गद्दी बचाने के लिए कई सुधारों और सत्ता हस्तांतरण के लिए संविधान की समीक्षा के लिए समिति गठित करने जैसे कदम उठाने की बात कही लेकिन प्रदर्शनकारी मुबारक के इस्तीफे से कम पर मानने को तैयार नहीं थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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