पूर्वोत्तर राज्यों में हुए 63,000 करोड़ रुपये के घोटाले : भाजपा
पार्टी का कहना है कि वह राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील एवं प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से इस मुद्दे की जांच कराने को कहेगी।
'कांग्रेस सरकारों की पूर्वोत्तर लूट' और 'अरुणाचल के पनबिजली घोटाले' के तथ्यों का पता लगाने वाली पार्टी की तीन सदस्यीय समिति की रिपोर्ट जारी करते हुए भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा, "मैं दस्तावेजों के साथ राष्ट्रपति से मुलाकात करूंगा और संसद के दोनों सदनों में विपक्ष के नेता प्रधानमंत्री से मिलेंगे। हम उम्मीद करते हैं कि केंद्र सरकार देश के हित में जांच का आदेश देगी।"
समिति के सदस्यों में से एक भाजपा नेता किरीट सोमैया ने कहा कि पूर्वोत्तर के छह राज्य- असम, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, नागालैंड तथा मिजोरम घोटालों से प्रभावित हैं। इस समिति में भाजपा उपाध्यक्ष बिजोया चक्रवर्ती और महासचिव तापिर गाओ भी शामिल थे।
उन्होंने कहा, "पूर्वोत्तर राज्यों की पनबिजली परियोजनाएं 400,000 करोड़ रुपये की हैं। प्रत्येक परियोजना में रिश्वतखोरी हुई है। उच्च तकनीकों वाली करोड़ों रुपये की ये परियोजनाएं नई निर्माण कम्पनियों को दी गई हैं।"
सोमैया ने कहा, "अरुणाचल प्रदेश में 2004 में सत्ता में आई कांग्रेस सरकार ने दो साल में 137 सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किए और परियोजनाएं संदिग्ध कम्पनियों को बांट दीं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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