ओबामा ने मिस्र की क्रांति को गांधीवादी बताया (लीड-1)
वाशिंगटन, 12 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि मिस्र के लोगों ने महात्मा गांधी की तरह अहिंसा की नैतिक शक्ति के जरिए हुस्नी मुबारक के तीन दशक लम्बे शासन को समाप्त करके इतिहास रच दिया है और यह एक नई शुरुआत है।
मुबारक के इस्तीफे के बाद व्हाइट हाउस में छह मिनट के भाषण में ओबामा ने कहा 25 जनवरी से शुरू हुए जनआंदोलन के बाद शुक्रवार को मुबारक के इस्तीफे से मिस्र में अभी बदलाव पूर्ण नहीं हुआ है, बल्कि यह शुरुआत है।
ओबामा ने कहा कि मिस्र में अहिंसा की नैतिक शक्ति से हुए परिवर्तन ने भारत में महात्मा गांधी के अहिंसक आंदोलन के ऐतिहासिक पलों को प्रतिध्वनित किया है।
शुक्रवार को मिस्र के राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक के इस्तीफा देने के बाद ओबामा ने कहा, "मिस्र ने हमें प्रेरित किया है और मिस्रवासियों ने इस बात को झूठा साबित किया है कि न्याय हिंसा से प्राप्त किया जाता है।"
उन्होंने मिस्र में सत्ता का शांतिपूर्ण हस्तांतरण सुनिश्चित किए जाने कि अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि मिस्र में आने वाले दिन अभी मुश्किल भरे रह सकते हैं।
ओबामा ने व्हाइट हाउस में अपने छह मिनट के भाषण में कहा, "मिस्र की ताकत आतंक या नासमझीपूर्ण हत्याएं नहीं बल्कि अहिंसा बनी है। नैतिक शक्ति ने एक बार फिर इतिहास को न्याय की तरफ मोड़ा है।"
ओबामा ने कहा, "हमने पूरे मिस्र को देखा और सुना। हम मदद नहीं कर सके लेकिन हमने इसकी प्रतिध्वनि सुनी। इसमें जर्मनी की दीवार गिराए जाने, इंडोनेशिया में छात्रों के सड़कों पर उतरने और भारत में गांधी के नेतृत्व में अहिंसक आंदोलन की प्रतिध्वनि निहित थी।"
ओबामा ने घाना में नए राष्ट्र के गठन के समय मार्टिन लूथर किंग द्वारा दिए एक बयान का उल्लेख किया जिसमें उन्होंने कहा, "इस देश की आत्मा में कुछ ऐसा था जो आजादी के लिए चीख रहा था।"
उन्होंने कहा, "तहरीर शब्द आजादी का पर्याय बन गया। यह वह शब्द है जो हमारी आत्मा की आजादी की पुकार है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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