अल्जीरिया में भी लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शन की चिंगारी भड़की
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार कोऑर्डिनेशन फॉर चेंज एंड डेमोक्रेसी (सीएनसीडी) द्वारा आयोजित मार्च के मार्ग में दंगा पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया है। सीएनसीडी एक नवगठित संगठन है, जिसमें मजदूर यूनियन, मानवाधिकार संगठन और वामपंथी दल शामिल हैं।
प्रदर्शनकारी दूसरे सबसे बड़े शहर ओरान में भी मार्च निकालने की योजना बना रहे हैं।
दोनों प्रदर्शनों की योजना एक सप्ताह से बनाई जा रही है।
स्थानीय समाचार पत्र, 'अल वतन' ने अपनी वेबसाइट पर खबर प्रकाशित की है कि प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए अल्जीयर्स को जाने वाली रेलगाड़ियां स्थगित कर दी गई हैं और बसें रोक दी गई हैं।
अखबार ने कहा है कि पूरे शहर में पुलिस जांच चौकियां स्थापित कर दी गई हैं और सड़कों पर पुलिस के बख्तरबंद वाहन गश्त कर रहे हैं।
अल्जीरिया के राष्ट्रपति अब्देलअजीज बाउतेफ्लिका इस पूरे घटनाक्रम को घबराहट भरी नजरों से देख रहे हैं, क्योंकि जिस विद्रोह के कारण ट्यूनिशिया और मिस्र के राष्ट्रपतियों को सत्ता छोड़नी पड़ी है, अल्जीरिया में भी उसी विद्रोह की चिंगारी दिखाई दे रही है। क्योंकि चारों तरफ पसरी गरीबी और बुनियादी आजादी के अभाव के कारण लोग परेशान हैं।
जनवरी में खाद्य पदार्थो की कीमतों में बढ़ोतरी और बेरोजगारी के कारण अल्जीरिया में कई दिनों तक दंगे हुए थे। इस दंगे में कम से कम तीन लोग मारे गए थे और सैकड़ों लोग घायल हो गए थे।
कम से कम तीन अतिरिक्त लोगों ने खुद को आग लगा कर आत्महत्या कर ली है।
आलोचकों को लुभाने के लिए बाउतेफ्लिका ने पिछले सप्ताह कहा था कि राज्य और इस्लामवादियों के बीच 1990 के दशक में हुए संघर्ष के दौरान लगाया गया 19 वर्ष पुराना आपातकाल, बहुत जल्द ही हटा लिया जाएगा।
उन्होंने अन्य सुधारों की भी घोषणा की थी, जिसमें खाद्य कीमतों में कमी करना शामिल था। सीएनसीडी ने इन कदमों को नाकाफी बताया है।
पुलिस ने शुक्रवार की शाम अल्जीयर्स में मुबारक के पतन का जश्न मना रहे विपक्षी सदस्यों के एक स्वत:स्फूर्त प्रदर्शन पर हमला बोल दिया था।
विपक्षी दल, रैली फॉर कल्चरल एंड डेमोक्रेसी (आरसीडी) के एक प्रतिनिधि के अनुसार इस घटना में कम से कम 10 प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे। इनमें से दो प्रदर्शनकारी गम्भीर रूप से घायल हुए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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