मुशर्रफ संदिग्ध, गिरफ्तारी वारंट जारी (लीड-2)
अदालत के मुताबिक मुशर्रफ को पूर्व प्रधानमंत्री भुट्टो की हत्या की साजिश के बारे में पता था लेकिन उन्होंने इस जानकारी को सुरक्षा अधिकारियों को मुहैया नहीं कराई।
मीडिया की रिपोर्टों में शनिवार को बताया गया कि रावलपिंडी की आतंकवाद निरोधी अदालत ने मुशर्रफ के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।
समाचार पत्र 'डॉन' के मुताबिक अदालत ने इस हत्याकांड में मुशर्रफ को एक संदिग्ध घोषित किया है और उनके खिलाफ 11 अन्य मामले भी लगाए हैं।
वर्ष 2007 में हुए बेनजीर भुट्टो हत्याकांड की जांच कर रही टीम ने कहा है कि पूर्व सैन्य तानाशाह मुशर्रफ को इस बात की जानकारी थी कि तहरीक-ए-तालिबान भुट्टो की हत्या की साजिश रच रहा है, लेकिन उन्होंने यह जानकारी सम्बंधित अधिकारियों को मुहैया नहीं कराई।
ज्ञात हो कि भुट्टो की पाकिस्तान वापसी का जोरदार विरोध करने वाले मुशर्रफ ने हाल के दिनों में संकेत दिया है कि वह अपने ब्रिटेन के स्वनिर्वासन से वापस पाकिस्तान लौट सक्रिय राजनीति में हिस्सा लेना चाहते हैं।
जानकार सूत्रों के मुताबिक जेआईटी जांच टीम के प्रमुख खालिद कुरैशी ने इस सप्ताह के शुरू में रावलपिंडी की अदालत में संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) द्वारा दाखिल किए गए चलान के बारे में आतंरिक मंत्रालय के अधिकारियों को अवगत कराया था।
एफआईए द्वारा दाखिल किए गए चलान में मुशर्रफ के खिलाफ 12 आरोप लगाए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि 27 दिसम्बर, 2007 को रावलपिंडी के लियाकत बाग में एक चुनावी जनसभा को सम्बोधित करने के बाद भुट्टो की हत्या कर दी गई थी। इस हमले में भुट्टो सहित कम से कम 24 लोग मारे गए।
रावलपिंडी शहर के पूर्व पुलिस प्रमुख सऊद अजीज के बयान के बाद मुशर्रफ का नाम आरोपियों की सूची में शामिल किया गया।
अजीज ने दावा किया था कि मुशर्रफ ने बेनजीर भुट्टो के सुरक्षा प्रमुख को बदलने का आदेश दिया था। अजीज ने यह भी दावा किया था कि मुशर्रफ के आदेश पर भुट्टो की हत्या के तुरंत बाद घटनास्थल को सही तरीके से धो दिया गया था।
मुशर्रफ नौ वर्षो तक पाकिस्तान की सत्ता पर काबिज रहे थे। वर्ष 2008 में राष्ट्रपति पद से हटने के बाद मुर्शरफ पाकिस्तान छोड़कर चले गए। वर्तमान में वह लंदन में रह रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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