गुजरात दंगों के सरकारी गवाह की सुरक्षा का आग्रह
राज्य सरकार ने एक सीडी को लेकर शर्मा को पांच फरवरी को ही कारण बताओ नोटिस जारी किया था। शर्मा ने यह सीडी दंगे के समय हुई हिंसा के दौरान तैयार की थी, जिसमें कई अधिकारियों, नेताओं और दंगाईयों के कॉल की विस्तृत जानकारी मौजूद है।
गैर सरकारी संगठन जन संघर्ष मंच ने उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित एसआईटी के अध्यक्ष आर.के.राघवन को एक पत्र लिखकर शर्मा की सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम उठाने का आग्रह किया है।
राज्य सरकार ने वर्तमान में उप महानिरीक्षक स्तर के अधिकारी शर्मा पर कर्तव्य का पालन करने में गलत आचरण दिखाने का आरोप लगाया है।
शर्मा पर आरोप लगाया गया है कि 25 फरवरी 2002 से चार मार्च 2002 के बीच किए गए कॉल की सीडी को उन्होंने अपराध शाखा के जांच अधिकारियों को नहीं दी थी।
मंच ने शुक्रवार को लिखे अपने पत्र में कहा है कि वर्ष 2002 में हुए साम्प्रदायिक दंगों की जांच कर रहे नानावती-मेहता न्यायिक जांच आयोग ने शर्मा को एक सरकारी गवाह के तौर पर बुलाया था। शर्मा ने अक्टूबर 2004 में आयोग के सामने यह सीडी पेश की थी, जिसमें सारी जानकारियां शामिल थीं।
इस गैर सरकारी संगठन के समन्वयक समशाद पठान ने शनिवार को कहा कि सरकार द्वारा जारी नोटिस से यह स्पष्ट होता है कि वह सरकारी गवाह को डराने का प्रयास कर रही है।
उल्लेखनीय है कि गुजरात में हुए दंगों के दौरान शर्मा भावनगर में पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात थे और बाद में उनका तबादला कर दिया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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