मिस्र के राष्ट्रपति ने दिया इस्तीफा (लीड-2)
उपराष्ट्रपति उमर सुलेमान ने सरकारी टेलीविजन पर अपने संक्षिप्त वक्तव्य में कहा, "मुबारक ने देश हित में राष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है।"
सुलेमान ने कहा कि फिलहाल राष्ट्रपति का कार्य सर्वोच्च सैन्य परिषद संभालेगी।
सुलेमान ने कहा कि मुबारक अपने परिवार के साथ काहिरा छोड़कर सिनाई के शर्म-अल-शेख विश्रामस्थल चले गए हैं।
सरकारी टेलीविजन पर इस घोषणा के साथ ही राजधानी काहिरा के तहरीर चौक पर पिछले 18 दिनों से डटे हजारों प्रदर्शनकारियों ने खुशी का इजहार किया।
पिछले 18 दिनों से काहिरा के तहरीर चौक पर डटे प्रदर्शनकारियों ने नाच-गाकर खुशी का इजहार किया। तहरीर चौक पर मौजूद हजारों लोगों ने 'मिस्र आजाद, मिस्र आजाद' के नारे लगाए। मुबारक के इस निर्णय का लोगों ने स्वागत किया है।
राष्ट्रपति के जाने की खबर मिलते ही लोगों में खुशियों का ठिकाना नहीं रहा। प्रदर्शनकारियों में जबर्दस्त उत्साह देखा गया। लोगों ने बैनर और पोस्टर के साथ तहरीर चौक पर जमा होकर अपनी खुशियों का इजहार किया।
उल्लेखनीय है कि हजारों की संख्या में लोग गत 25 जनवरी से मुबारक को सत्ता छोड़ने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। 18 दिनों के प्रदर्शन और चौतरफा दबावों के चलते मुबारक को आखिरकार सत्ता छोड़नी पड़ी।
वर्ष 1981 से मिस्र की सत्ता पर काबिज मुबारक ने अपने खिलाफ बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बाद कहा था कि वह अपना कार्यकाल समाप्त होने के बाद सितम्बर में अपने पद से हट जाएंगे लेकिन जनता को उनका यह प्रस्ताव मंजूर नहीं हुआ और उन्होंने अपना प्रदर्शन जारी रखा।
इसके बाद मुबारक के इस्तीफे की मांग को लेकर पिछले दो सप्ताह से देशव्यापी आंदोलन ने जोर पकड़ा। इस जनआंदोलन में आम लोगों के साथ ही श्रम संगठन, वकील और डाक्टर भी कूद पड़े। आंदोलन में सभी वर्गो के लोगों के शामिल हो जाने से मुबारक पर पद छोड़ने का दबाव लगातार बढ़ता गया।
पिछले दो सप्ताह में आंदोलन के बढ़ने के साथ ही मुबारक ने गद्दी बचाने के लिए कई सुधारों और सत्ता हस्तांतरण के लिए संविधान की समीक्षा के लिए समिति गठित करने जैसे कदम उठाने की बात कही लेकिन प्रदर्शनकारी मुबारक के इस्तीफे से कम पर मानने को तैयार नहीं थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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