रेमंड की रिहाई के लिए अमेरिका सख्त, पाक को चेतावनी (लीड-2)
अमेरिका ने दो पाकिस्तानी नागरिकों की हत्या के आरोप में गिरफ्तार अमेरिकी अधिकारी रेमंड डेविस को पाकिस्तान द्वारा तत्काल रिहा न करने पर चेतावनी दी है कि वह अपने यहां से पाकिस्तानी राजदूत को वापस भेजने के साथ ही वहां स्थित अपने सभी अमेरिकी प्रतिष्ठानों को बंद कर देगा।
समाचार चैनल 'एबीसी' ने पाकिस्तानी अधिकारियों के हवाले से बताया कि राष्ट्रपति बराक ओबामा के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने सोमवार शाम पाकिस्तानी राजदूत हुसैन हक्कानी को तलब किया।
समाचार चैनल के अनुसार सुरक्षा सलाहकार ने पाकिस्तानी राजदूत को ओबामा का सख्त संदेश दिया गया कि पाकिस्तान रेमंड को रिहा करे अथवा परिणाम भुगतने को तैयार रहे।
हक्कानी ने हालांकि सोशल नेटवर्किं ग वेबसाइट ट्विटर पर कहा कि किसी अमेरिकी अधिकारी ने "उन्हें व्यक्तिगत रूप से धमकाया नहीं है अथवा सख्त कदम उठाए जाने की बात कही है।"
ज्ञात हो कि डेविस प्रकरण में शुक्रवार को नया मोड़ आ गया। पाकिस्तान के एक न्यायालय ने रेमंड को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
डेविस की रिहाई के लिए वार्ता में शामिल दो पाकिस्तानी अधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार टॉम डोनिलॉन ने पाकिस्तानी राजदूत से कहा कि यदि शुक्रवार शाम तक डेविड की रिहाई नहीं हुई तो उन्हें वापस भेज दिया जाएगा।
सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि अमेरिका पाकिस्तान में स्थित अपने सभी प्रतिष्ठानों को बंद करने के साथ ही वह पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की नियोजित वाशिंगटन यात्रा को रद्द कर देगा।
पुलिस अधिकारी सुहैल सुखेरा ने बताया कि अमेरिका की इस चेतावनी का पाकिस्तान पर कोई असर नहीं हुआ है। रेमंड को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि इस मामले की अगली सुनवाई 25 फरवरी को होगी। रेमंड को लाहौर स्थित उच्च सुरक्षा वाले केंद्रीय कारागार में ले जाया गया है।
लाहौर के पुलिस अधिकारी असलम तरीन ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "हमारी जांच में यह साबित हो गया है कि यह पूरी तरह से दोहरे हत्याकांड का मामला है।"
उन्होंने बताया कि पुलिस रेमंड के खिलाफ हत्या का आरोपपत्र दाखिल करेगी। रेमंड के इस दावे पर कि उसने आत्मरक्षा में गोलियां चलाईं। इस पर पुलिस अधिकारी ने कहा कि पुलिस को "न तो ऐसा कोई साक्ष्य मिला है और न ही प्रत्यक्षदर्शियों ने इसकी पुष्टि की।"
पुलिस अधिकारी ने स्वीकार किया कि मारे गए दोनों नागरिकों के पास भी पिस्टल थी।
उन्होंने बताया कि रेमंड "जांच अधिकारियों के साथ सहयोग नहीं कर रहा है और आक्रामक रुख दिखा रहा है। उसके पास से संवेदनशील दस्तावेज और उपकरण बरामद हुए थे।"
अमेरिकी अधिकारी को राजनयिक उन्मुक्तता का लाभ देने के बारे में तरीन ने बताया कि यह मामला पहले ही लाहौर उच्च न्यायालय में है और इस बारे में न्यायालय को फैसला करना है।
पंजाब प्रांत सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा, "जेल में रेमंड को कोई विशेषाधिकार प्राप्त नहीं होगा और उसे अन्य सामान्य कैदियों की तरह रखा जाएगा।"
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान स्थित अमेरिकी दूतावास में तैनात डेविस ने गत 27 जनवरी को लाहौर में मोटरसाइकिल सवार दो पाकिस्तानी नागरिकों की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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