न्यायालय ने बंदरगाहों पर पड़े लौह अयस्क के निर्यात की अनुमति दी
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति आर. वी. रवींद्रन और न्यायमूर्ति ए. के. पटनायक ने प्रदेश सरकार को कर्नाटक अवैध खनन, परिवहन और भंडारण रोकथाम नियमों को 31 मार्च 2011 तक अधिसूचित करने के लिए कहा है।
न्यायालय ने कहा कि यदि सरकार 31 मार्च तक यह नियम अधिसूचित करने में असफल रहती है तो लौह अयस्क कम्पनियां अंतरिम राहत के लिए सर्वोच्च न्यायालय में अपील कर सकती हैं।
राज्य सरकार ने पांच फरवरी को यह नियम सार्वजनिक थे और इन पर लोगों की आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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