पिछले वर्ष प्राकृतिक आपदाओं के शिकार बने 250,000 लोग : मून
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक संयुक्त राष्ट्र की आम सभा में प्राकृतिक आपदा के खतरे को कम करने को लेकर आयोजित अनौपचारिक बहस में मून ने सचेत करते हुए कहा कि वर्ष 2011 में भी पिछले साल जैसी प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा, "हम पहले ही आस्ट्रेलिया और ब्राजील में प्राकृतिक आपदाओं के कहर देख चुके हैं।"
पिछले वर्ष जगह-जगह आए भूकम्प, तूफान, बाढ़ और अन्य प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं की वजह से 20.8 करोड़ लोग प्रभावित हुए जबकि 250,000 लोगों की मौत हुई। इस कारण केवल पिछले वर्ष 110 अरब डॉलर मूल्य की सम्पत्ति का नुकसान हुआ।
संयुक्त राष्ट्र आम सभा में बुधवार को इस मुद्दे पर हुई बहस में 192 सदस्य देशों ने हिस्सा लिया। इस दौरान आपदाओं के दौरान स्कूलों, अस्पतालों और शहर की रिहायशी इमारतों को बचाने के किए जाने वाले उपायों को लेकर चर्चा की।
मून ने अपने सम्बोधन में पिछले साल हैती, चिली और चीन में आए भूकम्प जबकि पाकिस्तान और यूरोप में आई विनाशकारी बाढ़ का जिक्र किया। इसके अलावा रूस और अमेरिका के जंगलों में आग की घटनाओं तथा एशिया में आए चक्रवाती तूफानों की घटनाओं के बारे में भी बताया।
मून ने कहा, "शायद ही कोई दिन ऐसा होगा जब क्षति न हुई हो, लोगों को विस्थापित न किया गया हो और फसलें बर्बाद न हुई हों।" मून ने कहा कि हादसे में मरने वालों में बच्चों की तादाद ज्यादा थी।
मून ने कहा कि सही योजना तैयार कर लोगों की जानें बचाई जा सकती हैें। इसके अलावा स्कूलों, अस्पतालों, घरों और शहरों को तबाह होने से बचाया जा सकता है। सही योजना से आने वाले खतरों को कम किया जा सकेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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