नियुक्ति में त्रुटियों की जांच कर सकता है सीवीसी : सर्वोच्च न्यायालय
नई दिल्ली, 7 फरवरी (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को कहा कि उसे सर्वोच्च संवैधानिक अधिकारी द्वारा केंद्रीय सतर्कता आयुक्त (सीवीसी) सहित किसी भी वैधानिक अधिकारी की नियुक्ति में त्रुटि होने पर उसकी वैधता की जांच करने की मनाही नहीं है।
अदालत ने कहा कि कुछ संवैधानिक अधिकारी को वैधानिक नियुक्ति करने का अधिकार है। हमें उनके फैसले पर भरोसा होना चाहिए। यदि ये अधिकारी किसी विवादित पहलू पर ध्यान दिए बिना ही नियुक्ति करते हैं, तो क्या यह कहा जाना चाहिए कि ऐसी स्थिति में न्यायिक समीक्षा नहीं होनी चाहिए।
न्यायमूर्ति एस. एच. कपाड़िया, न्यायमूर्ति के. एस. राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति सवतंत्र कुमार की पीठ ने कहा कि यदि न्यायिक समीक्षा संवैधानिक नियुक्ति को अलग रख सकती है, तो क्या यही चीज वैधानिक नियुक्ति में नहीं की जा सकती है?
अदालत ने कहा कि वह भविष्य (सीवीसी की नियुक्ति) के लिए कुछ नियम निर्धारित करना चाहती है।
अदालत सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (सीपीआईएल) की एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में सीवीसी पी. जे. थॉमस की नियुक्ति को चुनौती दी गई थी।
उल्लेखनीय है कि सीवीसी की नियुक्ति के लिए गठित चयन समिति में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, गृहमंत्री पी. चिदम्बरम और विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज थीं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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