पीआरपी का कांग्रेस में विलय

उमर फ़ारूक़
बीबीसी संवाददाता, हैदराबाद
फ़िल्म अभिनेता चिरंजीवी की पार्टी प्रजाराज्यम कांग्रेस के साथ विलय की तैयारी कर रही है.
चिरंजीवी के नेतृत्व वाली आंध्रप्रदेश की प्रजा राज्यम पार्टी (पीआरपी) ने बिना किसी शर्त केंद्रीय दल कांग्रेस में शामिल होने की घोषणा कर दी है.
रविवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद पीआरपी अध्यक्ष चिरंजीवी ने यह घोषणा की.
प्रजाराज्यम पार्टी लंबे समय से कांग्रेस में विलय की तैयारी कर रही थी. इसी के मद्देनज़र कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने चिरंजीवी को मुलाकात की दावत दी थी.
इस मौके पर माजूद कानून मंत्री वीरप्पा मोएली ने कहा कि यह गठजोड़ आंध्रप्रदेश में कांग्रेस की स्थिती को मज़बूत बनाएगा.
घोषणा के बाद संवाददाताओं के बातचीत के दौरान चिरंजीवी ने कहा, ''मैंने जो भी किया जनता के हित में किया है. जो लोग हमें जानते हैं वो इसका मकसद समझेंगे. यह पार्टी और जनता की पहुंच का दायरा बढ़ाने में मददगार होगा.''
पीआरपी के कुछ नेताओं ने इस विलय का विरोध किया था लेकिन ज़्यादातर विधायक कांग्रेस-पीआरपी के साथ के समर्थन में हैं.
आंध्र प्रदेश विधानसभा में पीआरपी के 18 विधायक हैं और कांग्रेस पार्टी चाहती है कि उसे इन विधायकों का समर्थन मिले, क्योंकि 294 सदस्यों वाली आंध्र प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस के पास केवल 156 विधायक हैं.
इनमें से लगभग 20 विधायक खुलकर बाग़ी नेता जगनमोहन रेड्डी का समर्थन कर रहे हैं.
बाग़ी नेता जगनमोहन रेड्डी के साथ लगभग 20 सांसद हैं.
जगनमोहन रेड्डी के विद्रोह के कारण राज्य में कांग्रेस सरकार के अल्पमत में चले जाने और राजनीतिक अस्थिरता उत्पन्न होने का ख़तरा बढ़ गया है.
इसी चुनौती से निपटने के लिए कांग्रेस पार्टी पीआरपी को अपने साथ मिलाना चाहती है.
इस दिशा में घटनाओं का सिलसिला कुछ दिन पहले शुरू हुआ जबकि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और रक्षामंत्री एके एंटनी ने हैदराबाद में चिरंजीवी से भेंट की और उन्हें सोनिया गांधी से मिलने का निमंत्रण दिया.
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस ने चिरंजीवी को आश्वासन दिया है कि विलय के बाद उन्हें पार्टी में एक अहम भूमिका दी जाएगी और उनकी पार्टी के चार विधायकों को मंत्री बनाया जाएगा और एक राज्यसभा सीट भी दी जाएगी.












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