अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की मुहिम

एक ओर जहाँ मिस्र में विरोध प्रदर्शन लगातार जारी हैं, वहीं राष्ट्रपति होस्नी मुबारक ने अपने मंत्रिमंडल के साथ बैठक की है ताकि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाया जा सके. प्रदर्शनों के कारण मिस्र की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है.
वित्त मंत्री समीर रादवान ने कहा है कि आर्थिक स्थिति बेहद ख़राब है. मिस्र में बैंक रविवार को खुलेंगे और शेयर बाज़ार सोमवार को.
विशेषज्ञों का कहना है कि रोज़ाना 31 करोड़ डॉलर का नुकसान हो रहा है.
इस बीच शुक्रवार की विशाल रैली के बाद बड़ी संख्या में लोग अब भी काहिरा के तहरीर चौराहे पर मौजूद हैं. माहौल शांतिपूर्ण बना हुआ है और चौराहे पर जाने वाले लोगों की सेना निगरानी कर रही है.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि प्रदर्शनकारियों के बीच इस बात को लेकर शंका पैदा हो रही है कि इस तरह प्रदर्शनों से और क्या हासिल किया जा सकता है.संवाददाता के मुताबिक कई लोगों में आमदनी में हो रहे नुकसान को लेकर चिंता है.
बातचीत के संकेत
तहरीर चौक पर लोग अब भी डटे हुए हैं
होस्नी मुबारक कह चुके हैं कि वे सितंबर में होने वाले चुनाव में खड़े नहीं होंगे लेकिन इस बात पर अड़े हुए हैं कि अभी उन्हें सत्ता में बने रहना चाहिए वरना अव्यवस्था फैल जाएगी.प्रदर्शनकारियों की माँग है कि मुबारक अभी इस्तीफ़ा दें.
राष्ट्रपति ने शनिवार को प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री, तेल मंत्री और व्यापार मामलों के मंत्री से मुलाक़ात की है.
इस बीच वित्त मंत्री समीर रादवान ने बीबीसी को बताया है कि उपराष्ट्रपति उमर सुलेमान विपक्षी नेताओं के साथ बातचीत करेंगे ताकि 12 दिनों से चले आ रहे प्रदर्शन बंद हो सकें.
उन्होंने कहा उपराष्ट्रपति उमर सुलेमान और ‘लगभग पक्के तौर पर प्रधानमंत्री बनने वाले अहमद शफ़ीक़’ बैठक में आएँगे. वित्त मंत्री ने ये नहीं बताया कि कौन से विपक्षी दल आएँगे.
सबसे बड़े विपक्षी गुट मुस्लिम ब्रदरहुड ने एक बयान में कहा है कि वो सरकार के साथ बातचीत के लिए तैयार है अगर कुछ शर्तें मान ली जाती हैं.
संगठन का कहना है कि मुबारक को इस्तीफ़ा देना होगा और सरकार को बताना पड़ेगा कि वो तय समयसीमा के अंदर कौन से सुधार लागू करेगा.
उधर अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि होस्नी मुबारक को तत्काल पद से हट जाना चाहिए लेकिन उन्होंने दोहराया कि 'एक विधिसम्मत परिवर्तन होना चाहिए और इसकी शुरुआत अभी होनी चाहिए.
उन्होंने राष्ट्रपति होस्नी मुबारक से 'सही फ़ैसला' करने की अपील की. मिस्र में हिंसक झड़पों में कम से कम आठ लोगों की मौत हो चुकी है और आठ सौ से अधिक लोग घायल हुए
इस बीच मिस्र से प्रधानमंत्री अहमद शफ़ीक़ ने बीबीसी से कहा है कि इस समय राष्ट्रपति का जाना अव्यवहारिक होगा..












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