भारतीय अर्थव्यवस्था विकास के सुनहरे पथ पर : वासन
उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में उस दौर में भी सात प्रतिशत से अधिक वृद्घि दर बनाए रखी। इस वर्ष सकल घरेलू उत्पादन की वृद्घि दर 9 प्रतिशत रहने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि यह अच्छी खबर है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में भी मंदी के दौर से उबरने के संकेत शुरू हो गए है। विश्व बैंक ने अनुमान व्यक्त किया है कि इस वर्ष वैश्विक अर्थव्यवस्था 2़ 7 की दर से बढ़ेगी। इसे बंदरगाह और समुद्री बुनियादी ढांचे की सेवाओं के लिए मांग बढ़ेगी।
भारत में 2004-05 से 2008-09 में निर्यात में 23़8 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्घि देखी गई, हालांकि 2009-10 वैश्विक मंदी के कारण अच्छा नहीं रहा, लेकिन इस वर्ष भारत के व्यापार में तेजी आने की उम्मीद है। भारत का विदेशी व्यापार जीडीपी के अनुपात में पिछले दस वर्ष में दुगुना हो गया है और यह लगभग 40 प्रतिशत है। इसमें ज्यादातर योगदान जहाजरानी क्षेत्र के जरिये होने वाले अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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