युवक की मौत मामले में जवानों पर मामला, उमर पहुंचे हंदवाड़ा (लीड-3)
श्रीनगर में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, "गुंड चोगल गांव में चार और पांच फरवरी की रात तैनात सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत हंडवारा पुलिस थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया है।"
एक अधिकारी ने बताया कि कुपवाड़ा जिले के अतिरिक्त जिलाधिकारी ने इस मामले की मजिस्ट्रेट द्वारा जांच कराने और एक पखवाड़े के भीतर इसकी रिपोर्ट देने के आदेश दे दिए हैं।
इस घटना से गुस्साए सैकड़ों लोगों ने शनिवार को ग्रामीण के शव के साथ चोगल गांव के निकट सड़क को अवरुद्ध कर दिया। अधिकारियों से आश्वासन मिलने के बाद ही मृतक के रिश्तेदार शव को दफनाने के लिए सहमत हुए।
उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा इलाके में चोगल गांव निवासी 21 वर्षीय मंजूर अहमद की मौत पर ट्विटर पर नाराजगी और अफसोस जाहिर करने के बाद अब्दुल्ला हेलीकॉप्टर से श्रीनगर रवाना हुए और वहां से 70 किलोमीटर की सड़क मार्ग से यात्रा कर उस गांव में पहुंचे जहां शनिवार को घटना से गुस्साए लोग प्रदर्शन कर रहे थे।
आधिकारिक सूत्रोंे ने बताया कि "मौसम खराब था और हेलीकॉप्टर वहां तक नहीं पहुंच सकता था।" मुख्यमंत्री ने मौसम साफ होने का इंतजार नहीं किया और सड़क मार्ग से चोगल गांव पहुंचे।
मुख्यमंत्री के एक निकटतम सहयोगी ने यहां आईएएनएस को बताया, "उनकी इस यात्रा का मकसद था लोगों को यह बताना कि वह उनके साथ हैं।"
मुख्यमंत्री ने अपना यह संदेश देने का प्रयास किया कि दुख की इस घड़ी में वह लोगों के साथ हैं।
गौरतलब है कि हंदवाड़ा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व एक निर्दलीय विधायक अब्दुल राशिद लोन कर रहे हैं, जिन्हें लोग इंजीनियर राशिद के नाम से जानते हैं। यह इलाका पीपुल्स कान्फ्रेंस और दो लोन बंधुओं-सज्जाद व बिलाल लोन का गढ़ है।
इससे पहले ट्विटर पर मुख्यमंत्री ने लिखा, "पिछली रात सेना की गोलीबारी में मारे गए 21 वर्षीय मंजूर के मामले की कैसे कोई निंदा नहीं कर सकता? हिंसाग्रस्त कश्मीर में बिना वजह एक और युवक की मौत हो गई है।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "मैं उन परिस्थतियों को समझने का प्रयास कर रहा हूं जिसमें युवक की मौत हुई लेकिन यह पार्याप्त जवाब नहीं है।"
अब्दुल्ला ने लिखा, "एकीकृत कमान की बैठक में मैंने जो सलाह दी थी उस अगर अमल होता तो इस तरह की घटना को रोका जा सकता था।"
पुलिस के मुताबिक मंजूर अहमद मगरे उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में चोगल गांव का निवासी था। मंजूर आतंकवादियों को निशाना बनाने के लिए सेना द्वारा बिछाई गई जाल में फंस गया, जिसमें उसकी मौत हो गई।
उधर, सेना ने इस मामले में कहा है कि आतंकवादियों को निशाना बनाने के लिए बारूदी सुरंग बिछाई गई थी।
सेना ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए एक बयान जारी कर कहा, "लगभग 10.30 बजे सैनिकों को बारूदी सुरंग के पास दो व्यक्तियों के गतिविधियों का अंदेशा हुआ था।"
बयान में कहा गया है, "अभियान को ध्यान में रखते हुए सैनिकों ने दोनों को आत्मसमर्पण करने की चुनौती दी। इसके बावजूद दोनों ने भागने की कोशिश की जिसके बाद जवानों द्वारा की गई गोलीबारी में मंजूर अहमद मागरे की मौत हो गई।"
सेना ने कहा, "इम इस घटना को लेकर काफी दुखी हैं। सेना ने हालांकि गोलीबारी के लिए तय किए गए चुनौतिपूर्ण प्रक्रियाओं के तहत ही काम किया है। हम इस क्षति के लिए काफी दुखी हैं।"
उल्लेखनीय है कि कश्मीर घाटी में पिछले साल सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़पों के दौरान की गई गोलीबारी में 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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