टैगोर और नारायण को पढ़ना पसंद है : रिचर्ड फोर्ड
मधुश्री चटर्जी
नई दिल्ली, 5 फरवरी (आईएएनएस)। पुलित्जर पुरस्कार विजेता अमेरिकी उपन्यासकार और कहानी लेखक रिचर्ड फोर्ड का कहना है कि वह गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर और आर.के. नारायण को पढ़ना पसंद करते हैं।
डीएससी जयपुर साहित्यिक समारोह में शिरकत भारत आए फोर्ड ने आईएएनएस को दिए साक्षात्कार में कहा, "मैं काफी समय तक रवींद्रनाथ टैगौर की रचनाओं को पढ़ता रहा हूं और मैं उन्हें पढ़ना काफी पसंद करता हूं। उनकी रचनाएं प्रेरित करती हैं। मेरे एक मित्र ने उनकी रचनाओं का एक संग्रह भेंट किया है।"
आलोचकों ने अपने समय के प्रख्यात लेखकों रेमंड कार्वर और टोबीस वुल्फ की कतार में शामिल फोर्ड की तुलना अमेरिका के समकालीन लेखकों जॉन अपडाइक, अर्नेस्ट हेमिंग्वे, विलियम फॉल्कनर और वाकर पर्सी से की है।
अमेरिकी साहित्य की 'डर्टी रियलिज्म' विधा के अग्रणी लेखकों में शुमार फोर्ड मिसीसिपी विश्वविद्यालय में कथा साहित्य पढ़ाते हैं।
फोर्ड ने कोलकाता पुस्तक मेले का उद्घाटन भी किया। 66 वर्षीय फोर्ड ने कहा, "अपनी किसी एक रचना में भारत को एक विषय के रूप में इस्तेमाल करने की सम्भावनाओं को मैं तलाश रहा हूं।"
फोर्ड को पुस्तकें पढ़ने का काफी शौक है। उन्होंने अनीता देसाई, अमित चौधरी, सलमान रुश्दी और आर.के. नारायण की ढेर सारी रचनाओं को पढ़ा है।
फोर्ड ने कहा, "मुझे आर.के. नारायण के भाषा की सादगी पसंद है, खासकर उनका उपन्यास 'द इग्लिंश टीचर'। इसमें उन्होंने यथार्थ को जिस तरीके से फंतासी में बदला है वह शानदार है।"
उन्होंने कहा, "सलमान रुश्दी ने भारत की स्वतंत्रता की कहानी जिस तरीके से कही है वह विलक्षण है। उनके पास जीवन को देखने का एक अलग तरीका है। वह यथार्थवादी लेखक हैं।
फोर्ड ने दुनिया में 'जादुई यथार्थवाद' के प्रणेता गैब्रियल गार्सिया मारक्वेज के प्रतिष्ठित उपन्यास 'वन हंड्रेड इयर्स ऑफ सॉलिट्यूड' पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा, "जादुई यथार्थवाद का अपना स्थान है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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