तहरीर चौक पर लिखी जा रही क्रांति की इबारत
काहिरा के तहरीर चौक के आस पास के मैदान और सड़कें लाखों प्रदर्शनकारियों से भरी हुई हैं। प्रदर्शनकारियों का दिन भी यहीं बीतता है और रात भी। न खाने कि फिक्र है और न रहने की जगह की।
आजादी के कुछ दीवाने सड़कों पर मौजूद प्रदर्शनकारियों के लिए मुफ्त खाना उपलब्ध करा रहे हैं। मुबारक के खिलाफ चल रहा यह आंदोलन अब 12वें दिन में प्रवेश कर चुका है।
शहर में ज्यादातर दुकानें बंद हैं। कुछ दुकानदारों ने आंदोलन से सहानुभूति के कारण दुकानें बंद रखी हैं तो कुछ ने लूट के डर के कारण दुकानों को बंद रखा है।
स्थानीय निवासियों में आंदोलन को लेकर कुछ असमंजस भी नजर आ रहा है। एक ओर जहां कुछ लोगों का कहना है कि दिन में व्यावसायिक प्रतिष्ठान खोले जाएं और शाम को जुलूस निकाला जाए। लेकिन वहीं कुछ प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक मुबारक इस्तीफा नहीं देते तब तक वे यहां से नहीं जाएंगे।
शुक्रवार अवकाश का दिन होने के कारण तहरीर चौक पर करीब 10 लाख लोग एकत्रित हुए। देश के अन्य शहरों में भी लगातार विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं।
एक प्रदर्शनकारी याहिया ने आईएएनएस से फोन पर कहा, "यहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद हैं, इनमें बच्चे, बढ़े और युवा लोग हैं। अमीर, गरीब, महिला, पुरुष सब यहां मौजूद हैं।"
उन्होंने कहा, "बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद हैं वे मुबारक के खिलाफ नारे लगा रही हैं।"
कई बार लोग समूहों में बैठकर मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करते हैं और अनुमान लगाते हैं कि कैसे मुबारक इस्तीफा देंगे और भविष्य में क्या होगा।
प्रदर्शनकारी यहां शिविर लगाकर रातें बिता रहे हैं। याहिया ने कहा, "कई लोग प्रदर्शनकारियों को सैंडविच बांटते हैं, किसी को पैसा नहीं देना होता।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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