अंतर्राष्ट्रीय आभूषण सम्मेलन का शुभारंभ
इस अवसर पर दयानिधि मारन ने कहा कि भारतीय हस्तशिल्प का निर्यात पिछले वित्त वर्ष 2009-10 में 11224 करोड़ रुपये था। उन्होंने कहा कि हस्तशिलप उद्योग स्थानीय संसाधनों और स्थानीय प्रयासों के इस्तेमाल पर आधारित अनुपम उदाहरण है। अनुमान है कि इस क्षेत्र में करीब 65 लाख दस्तकार अपनी आजीविका के लिए निर्भर है।
उल्लेखनीय है कि देश का हस्तशिल्प निर्यात जनवरी 2011 तक 8614 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2009-10 की तुलना में समान अवधि के दौरान 18 प्रतिशत वृद्घि हुई।
हस्तशिल्प दस्तकारों के जीवन में सुधार के उद्देश्य से कपड़ा मंत्रालय उन्हें विपणन सहायता उपलब्ध कराता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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