नेपाल में संकट खत्म होने पर संयुक्त राष्ट्र की बधाई
काठमांडू। नेपाल में पिछले सात महीने से प्रधानमंत्री के चुनाव को लेकर जारी संकट गुरुवार को समाप्त हो जाने पर संयुक्त राष्ट्र ने इसका स्वागत किया। संयुक्त राष्ट्र ने नव निर्वाचित प्रधानमंत्री से एक नए संविधान की घोषणा निर्धारित 28 मई की समय सीमा में करने की अपील की।संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने कम्युनिस्ट पार्टी आफ नेपाल-एकीकृत मार्क्सवादी लेनिनवादी (सीपीएन-यूएमएल) के अध्यक्ष झलनाथ खनाल को 16 दौर के बाद देश का 34वां प्रधानमंत्री चुने जाने पर स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि देश में शांति प्रक्रिया को पूरा करने और 28 मई तक एक नया संविधान लागू कराने में संयुक्त राष्ट्र अपना सहयोग देने के लिए तैयार है।बान के प्रवक्ता ने गुरुवार देर रात जारी एक बयान में कहा, "संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने नेपाल की संसद को मिली इस महत्वपूर्ण कामयाबी के लिए सभी नेपाली दलों के नेताओं और नई सरकार के गठन के उनके प्रयास की सराहना की है।"
बयान के मुताबिक, "बान का मानना है कि नए राजनीतिक घटनाक्रम से व्यापक शांति समझौते के तहत लागू की जाने वाली प्रतिबद्धताओं सहित अंतरिम संविधान पर पहल किए जाने के प्रयास को बेहद प्रोत्साहन मिलेगा।"बान ने कहा, "माओवादी लड़ाकों के एकीकरण, पुर्नवास और सेना के जनतंत्रीकरण और नए संविधान को स्वीकार्य किए जाने की प्रक्रिया को भी प्रोत्साहन मिलेगा।"
नेपाल की शांति प्रक्रिया में वर्ष 2007 से इस साल मध्य जनवरी तक सीधी भूमिका निभाने वाले संयुक्त राष्ट्र ने देश के सभी राजनीतिक दलों और नेताओं से पारस्परिक सहमति कायम करने और अपने लक्ष्य को हासिल करने की भी अपील की है।गौरतलब है कि गुरुवार को एकीकृत नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के समर्थन से खनाल देश के 34वें प्रधानमंत्री के रूप में चुने गए। अंतिम समय में माओवादी पार्टी के अध्यक्ष पुष्प कमल दहाल प्रचंड ने चुनावी दौड़ से अपना नाम वापस ले लिया था।












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