मुबारक को 'रुखस्त करने' की तैयारी में जुटे प्रदर्शनकारी

समाचार एजेंसी सिन्हुआ और अन्य मीडिया संगठनों के मुताबिक कुछ प्रदर्शनकारी शुक्रवार को ही मुबारक का इस्तीफा लेने के लिए विरोध प्रदर्शन तेज करने की योजना तैयार कर रहे हैं।

समाचार चैनल 'अल जजीरा' के मुताबिक नए प्रधानमंत्री अहमद शफीक ने गृहमंत्री से शुक्रवार को निकाले जाने वाले जुलूस को नहीं रोकने के लिए कहा है।

शफीक बुधवार को काहिरा में हुई हिंसा तथा इस ऐतिहासिक शहर में कानून एवं व्यवस्था चरमरा जाने की अभूतपूर्व घटना के लिए पहले ही माफी मांग चुके हैं।

संयम बरतने के आह्वान के बावजूद काहिरा के तहरीर चौक पर मौजूद प्रदर्शनकारी मुबारक के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं और वह राष्ट्रपति के समर्थकों के हमलों के बावजूद वहां से हटने को तैयार नहीं हैं।

तहरीर चौक पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान पिछले दो दिनों में आठ लोगों की मौत हो चुकी है और 800 से ज्यादा लोग जख्मी हुए हैं। 25 जनवरी से जारी विरोध प्रदर्शनों में अब तक मिस्र में करीब 150 लोग मारे जा चुके हैं। कुछ लोग मरने वालों की तादाद दोगुनी बता रहे हैं।

गुरुवार को काहिरा के संग्रहालय के समीप ताजा झड़पे हुईं। इस संग्रहालय में मिस्र की 7000 साल पुरानी सभ्यता के निशान मौजूद हैं।

काहिरा की सड़कों पर विदेशी पत्रकारों को निशाना बनाए जाने के एक दिन बाद शुक्रवार को यह प्रदर्शन होने जा रहा है। पत्रकारों पर हमले की भारत सहित विभिन्न देशों ने निंदा की है।

भारत ने मिस्र के दौरे के इच्छुक पत्रकारों के लिए परामर्श भी जारी किया है।

विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा ने गुरुवार रात को नई दिल्ली में कहा, "मिस्र में हो रहे घटनाक्रम की खबरें दे रहे पत्रकारों को हिरासत में लिए जाने से बहुत दुख और आघात पहुंचा है। ऐसी घटनाएं अस्वीकार्य हैं और इन्हें तत्काल रोका जाना चहिए।"

बंदूकधारियों द्वारा हिरासत में लिए गए भारतीय पत्रकारों का हवाला देते हुए कृष्णा ने कहा, "पत्रकारों की फौरन रिहाई होनी चाहिए और सरकार को उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित करनी चाहिए।"

भारत सरकार ने कहा है कि इस समय काहिरा में करीब 3000 विदेशी एवं मिस्र के पत्रकार हैं और ज्यादातर के पास मिस्र प्रशासन की मान्यता नहीं है।

कर्फ्यू का उल्लंघन करते हुए करीब 10,000 प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार के प्रदर्शन से पूर्व गुरुवार की रात तहरीर चौक पर ही बिताई। शुक्रवार को मिस्र की सेना की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। सेना ने सरकार समर्थक और विरोधी प्रदर्शनकारियों के बीच अवरोधक लगा दिए हैं लेकिन इसके बावजूद झड़पे नहीं रोकी जा सकीं।

'अल जजीरा ऑनलाइन' के निर्माता ने काहिरा में बताया कि यहां विरोध प्रदर्शनों पर मध्ययुगीन छाप देखने को मिल रही है। प्रदर्शनकारी अस्थायी अवरोधक लगा रहे हैं और एक दूसरे पर पत्थर बरसाने के लिए गुलेल बना रहे हैं।

हालात बिगड़ते देख सरकारों और कम्पनियों ने अपने कर्मचारियों को यहां से निकालना शुरू कर दिया है। बुधवार को करीब 95 उड़ानों के जरिए 10 से 13 हजार लोगों को काहिरा से बाहर ले जाया गया।

भारत अपने नागरिकों को लाने के लिए तीन विशेष विमान भेज चुका है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

*

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+