मिस्र में विरोध प्रदर्शन जारी, सेना ने कमान सम्भाली (लीड-3)
काहिरा, 29 जनवरी (आईएएनएस)। मिस्र में सरकार सरकार द्वारा रात भर के लिए लागू किए गए कर्फ्यू की मियाद पूरी होने के बाद शनिवार को मध्य काहिरा में विरोधी प्रदर्शन जारी रहे, जबकि शुक्रवार की हिंसा के बाद सुरक्षा की कमान सेना से संभाल ली।
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा है कि वातावरण तनावपूर्ण बना हुआ है, लेकिन सेना द्वारा सुरक्षा की कमान संभाल लेने के कारण सड़कों पर शांति बनी हुई है।
दंगा पुलिस को मुख्य माहिर स्क्वे यर से हटाकर सहायक मार्गो पर तैनात कर दिया गया है। एक दिन पहले हिंसक संघर्ष में दंगा पुलिस को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था।
प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि जब कुछ पुलिस कर्मी वहां पहुंचे तो प्रदर्शनकारियों ने उनका पीछा किया और उन्होंने सेना से कहा कि पुलिस को वहां से हटा दिया जाए, वर्ना और अधिक हिंसा होगी।
प्रदर्शनकारियों ने उन घटनाओं के बारे में बयान किया, जिनमें सेना ने रात के दौरान उन्हें भोजन और चाय उपलब्ध कराए थे। शनिवार सुबह प्रदर्शनकारियों को टैंकों पर खड़े होकर सैनिकों के साथ फोटो खिंचवाते हुए देखा गया।
चूंकि संचार प्रणाली अभी भी बुरी तरह अवरुद्ध है, लिहाजा मृतकों के बारे में सही जानकारी पाना कठिन बना हुआ है। शुक्रवार की हिंसा के बाद शनिवार सुबह मौतों के बारे में कोई खबर नहीं है।
शहर की कई सड़कें कारों के मलबों के कारण अवरुद्ध रहीं और वातावरण में तीव्र दरुगध रही। पूरे शहर में मुबारक के पोस्टर्स फाड़ डाले गए हैं।
मध्य काहिरा में शनिवार को जहां मुख्य दुकानें बंद रहीं, वहीं शहर के अन्य हिस्सों में स्थित कई छोटी दुकानें खुली रहीं।
इसके पहले प्रत्यक्षदर्शियों ने दुकानों में लूटपाट किए जाने की बात कही थी।
प्रत्यर्थदर्शियों ने आगे कहा है कि उपद्रवियों ने गीजा के पिरामिड की ओर जाने वाले मार्ग पर एक होटल पर धावा बोला, परिणामस्वरूप होटल में ठहरे पर्यटकों के साथ उनका टकराव हो गया। इस घटना के बारे में अधिक जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं हो पाई है।
राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक ने शुक्रवार देर रात टेलीविजन चैनल पर अपने एक सम्बोधन में इस्तीफा देने से इंकार करते हुए अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों से इस्तीफा देने को कहा था।
राष्ट्र के नाम 11 मिनट के सम्बोधन में मुबारक ने कहा था, "मैने मंत्रिमंडल के सदस्यों से इस्तीफा देने को कहा है।" उन्होंने कहा कि नए मंत्रिमंडल का गठन शनिवार को किया जाएगा।
सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों में शुक्रवार को 13 लोग मारे गए। शुक्रवार की हिंसा के बाद प्रदर्शन के दौरान मरने वालों की संख्या 27 तक पहुंच गई है। मरने वालों में सुरक्षाबलों के तीन अधिकारी भी शामिल हैं।
मिस्र में हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए हैं और वे सुरक्षा बलों और सरकारी इमारतों पर हमला कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों से निपटने में पुलिस की मदद के लिए सेना की सहायता ली जा रही है। सेना ने कई शहरों में कर्फ्यू लगा दिया है। काहिरा, सूज और अलेक्जेंड्रिया में कर्फ्यू लगाया गया था, लेकिन बाद में अन्य शहरों में भी कर्फ्यू लगा दिया गया।
हेलीकाप्टर और टैंकों से निगरानी की जा रही है। काहिरा में प्रदर्शनकारियों ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया और वे विदेश और सूचना मंत्रालय में भी दाखिल हो गए। प्रदर्शनकारियों ने मुबारक की नेशनल डेमोक्रेटिक पार्टी के मुख्यालय में भी काफी उत्पात मचाया और उसे आग के हवाले कर दिया।
मुबारक के सम्बोधन के समय प्रदर्शनकारी शनिवार तड़के सड़कों पर उतर आए और प्रदर्शन शुरू कर दिए। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। मुबारक ने कहा कि वह निर्दोष लोगों के मारे जाने से काफी दुखी हैं।
मुबारक ने सीधे तौर पर कहा कि वह लोगों की भावनाएं समझ रहे हैं। उन्होंने लोगों से गरीबी, बेरोजगारी और लोकतांत्रिक व्यवस्था में सुधार करने का वादा किया।
सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान 1,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है और कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के हवाले से टेलीविजन चैनल अल-अरबिया ने खबर दी है कि शुक्रवार को हुई झड़प में 1,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
उल्लेखनीय है कि मुबारक मिस्र की सत्ता पर करीब 30 वर्षो से काबिज हैं।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने शुक्रवार को मिस्र के राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक से सख्त लहजे में कहा कि वह अपने वादों पर अमल करें तथा प्रदर्शनकारियों पर हिंसक कार्रवाई करने से बाज आएं।
ओबामा ने कहा, "हिंसा से मिस्र वासियों की शिकायतें दूर नहीं होंगी। विचारों के दमन से उन्हें समाप्त करने में कभी सफलता नहीं मिल पाती।"
ओबामा ने मिस्र सरकार के लिए अपनी सरकार के आग्रह को दोहराते हुए कहा कि वह इंटरनेट व मोबाइल फोन सेवाएं बहाल करे। उन्होंने कहा, "अस्थिरता के इस क्षण को वादे के क्षण में बदलना है।"
ओबामा ने कहा, "वहां हर हाल में सुधार होने चाहिए। राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक सुधार, ताकि मिस्र के लोगों की आकांक्षाएं पूरी हो सकें। इन सुधारों के अभाव में शिकायतें पनपी हैं।"
ओबामा ने कहा, "अमेरिका मिस्र के लोगों के अधिकारों के लिए हमेशा खड़ा रहेगा और भविष्य के निर्माण के लिए उनकी सरकार के साथ काम करता रहेगा, जो कि अधिक न्यायपूर्ण, अधिक मुक्त, और अधिक आशावान होगा।"
इसके पहले शुक्रवार को अमेरिका ने धमकी दी थी कि यदि मुबारक सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा पर तत्काल रोक नहीं लगाती और सुधारों को लागू करने के लिए आगे नहीं बढ़ती तो उसे दी जाने वाली सहायता रोक दी जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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