काहिरा में अशांति बरकरार : प्रत्यक्षदर्शी
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा है कि दुकानों में लूटपाट जारी है और काहिरा के दो जिलों में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस थानों पर हमला किया और वहां कैद बंदियों को मुक्त कर दिया।
कतर स्थित टीवी चैनल 'अल-जजीरा' की एक रिपोर्ट के अनुसार उत्तरी शहर अलेक्जेंड्रिया में भी रात भर अशांति बनी रही।
प्रत्यर्थदर्शियों ने आगे कहा है कि उपद्रवियों ने गीजा के पिरामिड की ओर जाने वाले मार्ग पर एक होटल पर धावा बोला, परिणामस्वरूप होटल में ठहरे पर्यटकों के साथ उनका टकराव हो गया। इस घटना के बारे में अधिक जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं हो पाई है।
काहिरा में जारी अशांति ने शुक्रवार को आश्चर्यजनक रूप से पूरे देश को अपनी चपेट में ले लिया। इसके परिणामस्वरूप सुरक्षा बलों के साथ संघर्ष में कम से कम 13 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई थी।
पुलिस की मदद के लिए शुक्रवार को सेना बुलानी पड़ी।
देर रात टेलीविजन पर अपने एक सम्बोधन में राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक ने खुद के पद छोड़ने की मांग को खारिज कर दिया था, और इसके बदले उन्होंने अपनी सरकार से इस्तीफा देने के लिए कहा था।
अपने 11 मिनट के सम्बोधन में मुबारक ने कहा था कि शनिवार को नई सरकार गठित की जाएगी। उन्होंने अशांति पैदा करने वालों को चेतावनी दी थी तथा लोकतंत्र की दिशा में तथा जीवन स्तर, रोजगार के अवसर व स्वास्थ्य देखभाल में सुधार के लिए नए कदम उठाने का वादा किया था।
लेकिन इसके बाद भी प्रदर्शनकारी मुबारक से पद छोड़ने की लगातार मांग कर रहे हैं।
ज्ञात हो कि सेना के पूर्व जनरल, हुस्नी मुबारक तत्कालीन राष्ट्रपति अनवर सादात की 1981 में हुई हत्या के बाद से ही सत्ता में हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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