लाहौर गोलीबारी: अमेरिका का पाक सरकार से हस्तक्षेप का अनुरोध
अधिकारी ने गोली तब चलाई थी, जब उन युवकों ने उसे कथित तौर पर लूटने की कोशिश की थी। पाकिस्तानी सेना ने आंतरिक मंत्रालय से इस मामले से 'बेहद सावधानी' के साथ निपटने को कहा है।
ज्ञात हो कि लाहौर स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास में कार्यरत डेविस रेमंड ने गुरुवार को दो युवकों को गोलियों से भून डाला था, जबकि तीसरा युवक घटना के तत्काल बाद उनके वाहन के नीचे आकर कुचला गया था। घटना के बाद रेमंड को गिरफ्तार कर लिया गया था।
समाचार पत्र 'एक्सप्रेस ट्रिब्यून' के अनुसार अमेरिकी राजदूत कैमरन मंटर ने विदेश सचिव सलमान बशीर से मुलाकात कर संघीय सरकार से इस घटना में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया था।
पाकिस्तानी सेना प्रमुख, जनरल अशफाक परवेज कयानी और आंतरिक मंत्री रहमान मलिक के बीच भी इस सिलसिले में मुलाकात हुई है।
कयानी ने मलिक को सलाह दी है कि वह इस मामले से अति सावधानीपूर्वक निपटें।
फिलहाल यह मामला पंजाब सरकार के अधीन है और रेमंड को छह दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
रेमंड ने पुलिस को बताया कि मोटरसाइकिल सवार दो हथियारबंद युवकों ने उन्हें लूटने की कोशिश की। उन्होंने दोनों का पीछा किया और चौक करतबा के पास उन पर गोली चला दी। एक मोटरसाइकिल ने सवार घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दूसरे की अस्पताल में मौत हो गई।
घटना के बाद रेमंड ने मदद के लिए फोन किया और अमेरिकी वाणिज्य दूतावास का एक वाहन उनकी मदद के लिए पहुंचा।
वन वे यातायात नियम का उल्लंघन करते हुए वाहन चालक ने एक मोटरसाइकिल सवार को कुचल दिया, जिसकी घटना स्थल पर ही मौत हो गई। उसके बाद चालक वाहन लेकर भाग गया।
गोलीबारी में मारे गए दोनों मोटरसाइकिल सवारों के खिलाफ पुलिस ने मोबाइल फोन और नकदी लूटने की दो शिकायतों के आधार पर मामला दर्ज किया है।
फरजांद और शहरयार मलिक नामक दो शिकायतकर्ताओं ने कहा है कि दोनों मोटरसाइकिल सवारों ने घटना के पूर्व उनके मोबाइल फोन और नकदी लूट लिए थे और उसके बाद वे भाग रहे थे।
पुलिस ने कहा है कि मृत युवकों के पास से बरामद हुए दो मोबाइल फोन के विवरण शिकायतकर्ताओं द्वारा उपलब्ध कराए गए विवरण से वे मेल खाते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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